अर्नब तूफान की बारिश ने किसानों की तोड़ी कमर! खेतों में बिछी धान की फसल, गेहूं की बोवाई पर संकट

अर्नब तूफान के असर से शुक्रवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने गोला क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने सबसे ज्यादा किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 30 October 2026, 3:53 PM IST

गोरखपुर: अर्नब तूफान के असर से शुक्रवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने गोला क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने सबसे ज्यादा किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल गिरकर जमीन पर बिछने लगी है। कटाई के बीच अचानक बदले मौसम ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से गोरखपुर में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी होने से किसानों की बेचैनी और बढ़ गई है।

लगातार बारिश से खेतों में दोबारा जलभराव की आशंका गहराने लगी है। इससे खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने के साथ कटाई और मड़ाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता आगामी गेहूं की बोवाई को लेकर है। खेतों में अधिक नमी और जलभराव के कारण गेहूं की बोवाई समय से नहीं हो पाने की आशंका है। ऐसे में किसानों को एक साथ दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।

Fatehpur News: होटल में खाना खाने जा रहे दोस्तों की बाइक को ट्रक ने मारी टक्कर! एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर

किसान नागेंद्र पांडेय ने बताया कि उनकी करीब आधी धान की फसल कट चुकी थी, जबकि बाकी फसल अभी खेतों में खड़ी है। अचानक शुरू हुई बारिश से बची हुई फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। किसान अमित तिवारी ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में फिर जलभराव होगा। इससे धान की फसल खराब होने के साथ गेहूं की बोवाई भी पिछड़ सकती है। किसान अविनाश राय के मुताबिक नहर सिंचित खेतों में पहले से पर्याप्त नमी थी। ऐसे में तेज हवा और बारिश के चलते धान की फसल गिरने लगी है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।

इस्तीफे वाले दिन ही कर्मचारी की मौत, कंपनी COO को राहत नहीं; बॉम्बे HC ने खारिज की जमानत याचिका

गोला क्षेत्र के सुरदापार, बनकटा, भड़सड़ा, सेमरी, कटया और गोपालपुर समेत लगभग सभी गांवों में धान की फसल गिरने की सूचनाएं मिल रही हैं। उधर, लगातार बारिश से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर आवागमन कम रहा और लोग जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले। मौसम की मार ने जहां आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है, वहीं खेतों में बिछी धान की फसल देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।

Location :  गोरखपुर

Published :  30 October 2026, 3:53 PM IST