
गाजीपुर में सपा प्रतिनिधिमंडल पर पथराव (सोर्स: डाइनामाइट न्यूज़)
Ghazipur: गाजीपुर का कटरिया गांव बुधवार को अचानक जंग के मैदान में बदल गया, जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और ग्रामीणों के बीच विवाद हिंसा में बदल गया। गांव के बाहर शुरू हुआ विरोध देखते ही देखते पत्थरबाजी तक पहुंच गया। चारों ओर अफरा-तफरी, चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। इस हिंसक झड़प में सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही, लेकिन हालात कुछ देर तक नियंत्रण से बाहर नजर आए।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था प्रतिनिधिमंडल
जानकारी के मुताबिक, समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को कटरिया गांव पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य 16 वर्षीय निशा विश्वकर्मा के परिवार से मिलना था, जिसकी मौत का मामला पिछले कई दिनों से चर्चा में बना हुआ है। तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे पहुंचना था, लेकिन प्रतिनिधिमंडल करीब एक घंटे देरी से गांव पहुंचा। गांव के बाहर पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
धरने के बाद बढ़ा तनाव
ग्रामीणों के विरोध के बाद सपा नेता गांव के बाहर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति मांगी। कुछ देर बाद परिवार की एक महिला को बातचीत के लिए बुलाया गया। इसी दौरान माहौल अचानक गर्म हो गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते पत्थर चलने लगे और हालात बिगड़ गए।
पत्थरबाजी में कई घायल
हिंसक झड़प में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा के सिर में गंभीर चोट लगी। इसके अलावा जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, महिला कार्यकर्ता रीना यादव और बिंदु भी घायल हुईं। सभी घायलों को इलाज के लिए गाजीपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मी भी इस घटना में घायल हुए हैं।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
घटना के समय कई पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान तैनात थे। चार से पांच थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद थी। पत्थरबाजी के बाद हालात को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी जवानों की तैनाती की गई। प्रशासन ने गांव में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि दोबारा तनाव न बढ़े।
निशा की मौत के बाद से तनाव जारी
15 अप्रैल को 16 वर्षीय निशा विश्वकर्मा का शव जमानिया पुल के पास नदी में मिला था। शुरुआत में मामला डूबने का माना गया, लेकिन बाद में हत्या की आशंका पर केस दर्ज हुआ। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस घटना के बाद से गांव में लगातार तनाव बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर अफवाहों ने बढ़ाया विवाद
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक बातें फैलाई गईं, जिनमें गैंगरेप और जातीय तनाव जैसी बातें शामिल थी। प्रशासन का दावा है कि कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस अब अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाए। वहीं भाजपा नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
Location : Ghazipur
Published : 22 April 2026, 10:42 PM IST