Sonbhadra News: इंडोर स्टेडियम निर्माण में धांधली पर रेलवे बोर्ड का फूटा गुस्सा, ठेकेदार पर गिरेगी गाज?

सोनभद्र के चोपन रेलवे कॉलोनी में बन रहे बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और नियमों की अनदेखी पर रेलवे बोर्ड सदस्य ने सख्त नाराजगी जताई। ठेकेदारी प्रथा की आड़ में हो रही अनियमितताओं पर अब जांच और कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 14 July 2025, 12:16 PM IST

Sonbhadra: सोनभद्र के चोपन रेलवे कॉलोनी में बन रहे बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम में निर्माण कार्य को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। रेलवे बोर्ड के सदस्य विकास चौबे द्वारा निरीक्षण के दौरान घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और नियमों की अनदेखी की पुष्टि हुई, जिससे रेलवे विभाग की छवि पर गहरी चोट पहुंची है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह स्टेडियम धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत बन रहा है और डीटीएम (यातायात प्रबंधक) के सरकारी आवास के बिल्कुल बगल में स्थित है, जिससे यह आश्चर्य और संदेह दोनों की स्थिति उत्पन्न होती है कि अधिकारी खुद घटिया निर्माण को कैसे नजरअंदाज कर रहे हैं।

घटिया निर्माण सामग्री से बने पिलर, गिट्टी-बालू की गुणवत्ता पर उठे सवाल

रेलवे बोर्ड सदस्य विकास चौबे ने निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों से तीखी बातचीत की और खराब निर्माण कार्य को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि पिलर बनाने में जिस गिट्टी का इस्तेमाल हो रहा है, वह क्षेत्र के क्रशर प्लांट्स से 'वेस्ट' कह कर फेंकी जाने वाली गिट्टी है। निर्धारित आकार व गुणवत्ता से हटकर ऐसी घटिया सामग्री का उपयोग रेलवे जैसी संस्था में गंभीर लापरवाही का प्रतीक है।

ठेकेदारी प्रथा पर रेलवे अधिकारी का बड़ा खुलासा

स्थानीय मजदूरों और कुछ दबी जुबान से अधिकारियों ने भी स्वीकारा कि निर्माण में घटिया बालू और गिट्टी का इस्तेमाल हो रहा है। यह स्टेडियम एक बड़े बजट और टेंडर प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुआ था, लेकिन जमीन पर हो रहे कार्य उसकी गुणवत्ता से मेल नहीं खा रहे।

रेलवे में 40% कार्यों में अनियमितता?

एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब से रेलवे विभाग में ठेकेदारी प्रथा शुरू हुई है, तब से करीब 40 फीसदी निर्माण कार्यों में अनियमितता देखी गई है। अधिकारियों ने कई बार उच्चस्तरीय बैठक में यह मुद्दा उठाया, लेकिन हर बार यह कहकर टाल दिया गया कि 'अधिक कार्य और कम समय' में विकास कार्यों को अंजाम देना प्राथमिकता है।

हालांकि विकास चौबे ने साफ संकेत दिए हैं कि यह अनदेखी अब नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि यदि दोबारा इस तरह की लापरवाही देखी गई, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

आईओडब्लू ने दिया भरोसा

रेलवे के आइओडब्लू (इंपीरियल ऑब्जर्वेशन विंग) ने आश्वासन दिया है कि अब से घटिया सामग्री की जगह उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का ही उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुधारने के लिए निगरानी और निरीक्षण में पारदर्शिता बरती जाएगी।

लोगों ने की पुराने निर्माण कार्यों की जांच की मांग

स्थानीय नागरिकों और रेलवे कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों ने मांग की है कि इसी फर्म द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर में कराए गए पूर्व निर्माण कार्यों की भी गहन जांच हो। उन्होंने कहा कि केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूरे ठेकेदार के ट्रैक रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।

सोनभद्र में रेलवे के इस निर्माण प्रोजेक्ट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ठेकेदारी प्रथा विकास के नाम पर गुणवत्ता से समझौता कर रही है? अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या रेलवे बोर्ड ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी सिस्टम की दीवारों में कहीं दफन हो जाएगा।

Location :  Sonbhadra

Published :  13 July 2025, 3:05 PM IST