
एक माह पहले खेवटा जंगल में पिंजरा लगाया था (img-dynamite news)
Sitapur: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के खेवटा जंगल में पिछले एक महीने से दहशत का माहौल है, जहां एक तेंदुए के कारण सभी नगरवासी सहमे हुए हैं, जिसके चलते काफी मशक्कत के बाद आखिरकार गुरुवार की सुबह वन विभाग ने उस तेंदुए को पिंजरे में किया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में राहत की लहर दौड़ गई। दिलचस्प बात यह रही कि जिस तेंदुए के डर से लोग घरों से बाहर निकलने और खेतों में जाने से कतराते थे, उसी को पिंजरे में कैद देखकर ग्रामीण उसके साथ सेल्फी लेने और तस्वीरें खींचने में जुट गए।
वन विभाग ने उस तेंदुए को पिंजरे में कैद किया (IMG-DYANMITE NEWS)
आपको बता दें कि सुबह करीब 6 बजे तेंदुए के पिंजरे में फंसने की जानकारी मिलते ही खेवटा जंगल के आसपास ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। कोई तेंदुए की तस्वीरें कैमरे में कैद कर रहा था तो कोई मोबाइल से वीडियो बना रहा था। जहां कई ग्रामीण पिंजरे के पास पहुंचकर तेंदुए के साथ सेल्फी लेते नजर आए। करीब एक महीने तक कायम रही दहशत के बाद ग्रामीणों के चेहरों पर राहत और उत्सुकता दिखाई दी।
कई ग्रामीण पिंजरे के पास पहुंचकर तेंदुए के साथ सेल्फी लेते नजर आए (img-dynamite news)
जानकारी के अनुसार, करीब एक महीने से नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के आसपास के गांवों और खेवटा जंगल में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं। जंगल से निकलकर गांवों की ओर उसकी आवाजाही की खबरों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी थी। सुबह- शाम खेतों की ओर जाने वाले लोगों को हमले का डर सताता था। बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीण बहुत परेशान रहते थे।
हालांकि तेंदुए की लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद वन विभाग की टीम ने करीब एक माह पहले खेवटा जंगल में पिंजरा लगाया था। इसके बाद से वनकर्मी लगातार निगरानी कर रहे थे। गुरुवार की सुबह आखिरकार तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। मिश्रिख रेंज के रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पहले ही पिंजरा लगाया गया था। वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। अभियान में वनकर्मी अनिल यादव, अनुभव वर्मा, अक्षय पांडेय और विजेंद्र कुमार यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Location : sitapur
Published : 5 November 2026, 12:26 PM IST