सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद पर गरमाई सियासत, पयोहारी आश्रम की जमीन को लेकर भिड़े पक्ष, व्यापारियों ने डीएम से लगाई गुहार

सिद्धार्थनगर के उसका बाजार में जमीन से जुड़े एक स्थानीय विवाद को लेकर अब व्यापारियों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। मामला पयोहारी आश्रम और नगर पंचायत के बीच भूमि को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 3 October 2026, 8:04 PM IST

Siddharthnagar: उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर के उसका बाजार में जमीन से जुड़े एक स्थानीय विवाद को लेकर अब व्यापारियों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। मामला पयोहारी आश्रम और नगर पंचायत के बीच भूमि को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। व्यापार संगठन का आरोप है कि मामले को बातचीत से सुलझाने के बजाय भीड़ जुटाकर माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है।

जमीन के रिकॉर्ड को लेकर उठ रहा विवाद

व्यापार संगठन के मुताबिक, उसका बाजार स्थित गाटा संख्या 58/0.098 सरकारी अभिलेखों में पयोहारी आश्रम के नाम दर्ज है। संगठन का कहना है कि भूमि से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान प्रशासनिक प्रक्रिया और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।

व्यापारियों का दावा है कि इस मामले में उपजिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम पहले ही मौके का निरीक्षण कर चुकी है। निरीक्षण के दौरान जमीन और रकबे से जुड़े कुछ तथ्य सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, भूमि के स्वामित्व और अन्य दावों को लेकर अंतिम स्थिति प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट होना बाकी है।

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बाजार के 17 दुकानदारों की बढ़ी चिंता

विवाद का असर पयोहारी आश्रम परिसर में संचालित रामजानकी मार्केट के दुकानदारों पर भी पड़ने की बात कही जा रही है। यहां करीब 17 दुकानदार और व्यापारी अपनी रोजी-रोटी के लिए कारोबार करते हैं। व्यापार संगठन का कहना है कि विवाद बढ़ने की स्थिति में इन दुकानदारों के सामने कारोबार और सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि विवाद के बीच बाजार में सामान्य गतिविधियां प्रभावित न हों और दुकानदारों की आजीविका सुरक्षित रहे।

भीड़ जुटाने और नारेबाजी पर जताई आपत्ति

व्यापारियों का आरोप है कि मामले को आपसी बातचीत से सुलझाने के बजाय बाजार में भीड़ जुटाकर नारेबाजी की जा रही है। संगठन के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर तनाव और कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति पैदा हो सकती है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा थाने पर हंगामा करने के बाद बाजार में आकर कथित तौर पर धमकियां दी गईं। व्यापार संगठन का कहना है कि इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की गई है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

डीएम से शांतिपूर्ण समाधान की मांग

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने जिलाधिकारी से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि नगर पंचायत और पयोहारी आश्रम से जुड़े विवाद को दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर नियमों के तहत सुलझाया जाना चाहिए। व्यापारियों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि आश्रम परिसर और रामजानकी मार्केट में कारोबार करने वाले 17 दुकानदारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही बाजार में अनावश्यक भीड़ जुटाकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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ज्ञापन देने वालों में कई व्यापारी शामिल

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष अजय कसौधन, जिला महामंत्री भीमचन्द्र कसौधन, अभिषेक त्रिपाठी, धनेश वर्मा और महंत लाल बहादुर दास समेत कई स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे। फिलहाल मामला प्रशासन के सामने पहुंच चुका है। अब देखना होगा कि प्रशासन भूमि से जुड़े रिकॉर्ड, राजस्व निरीक्षण और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद क्या कदम उठाता है। व्यापारियों की मांग है कि विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से हो, ताकि बाजार की सामान्य गतिविधियां प्रभावित न हों और किसी तरह का तनाव न बढ़े।

Location :  Siddharthnagar

Published :  3 October 2026, 8:04 PM IST