वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सीएम योगी आदित्यनाथ को 6 दिन का अल्टीमेटम देते हुए गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की। 7 मार्च से लखनऊ तक धर्म यात्रा और 11 मार्च को बड़ी सभा का ऐलान किया गया है।

योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य
Varanasi: वाराणसी में Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के पास अभी 6 दिन का समय बचा है। इस दौरान वे गौ-माता को राष्ट्रमाता घोषित करें। उन्होंने कहा कि अभी तक मुख्यमंत्री की ओर से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कुछ लोग इस मांग का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन खुलकर सामने आने से बच रहे हैं।
वाराणसी से लखनऊ तक धर्म यात्रा
शंकराचार्य ने बताया कि 7 मार्च को वाराणसी के Sankat Mochan Hanuman Temple में हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा। इसके बाद वह लखनऊ के लिए यात्रा पर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि रास्ते में जहां भी प्रशासन रोकेगा, वहां वे कानून का पालन करेंगे, लेकिन तय कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेंगे।
11 मार्च को लखनऊ में सभा
शंकराचार्य के अनुसार 11 मार्च को लखनऊ में शीतला अष्टमी के दिन Kanshiram Smriti Upvan में सभा होगी। यहां गौ ध्वज प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद गौ माता और सनातन धर्म की रक्षा के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा और जो लोग इस अभियान में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें आमंत्रित किया जाएगा।
अजय राय ने की मुलाकात
इस बीच Ajay Rai ने शंकराचार्य से उनके मठ में मुलाकात की और आशीर्वाद लिया। उन्होंने हाल के घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की। अजय राय ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता शंकराचार्य के साथ खड़े रहेंगे और 11 मार्च को लखनऊ में उनके कार्यक्रम में शामिल होंगे।
डिप्टी सीएम के बयान पर प्रतिक्रिया
उधर, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya के बयान पर भी शंकराचार्य ने प्रतिक्रिया दी। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि गाय को कोई नुकसान नहीं पहुंचता और उसे राज्य माता का दर्जा देने की जरूरत नहीं है। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि जिसका जैसा संस्कार होता है, वह वैसा ही बयान देता है।