
प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश ATS की जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। बाराबंकी और कुशीनगर से गिरफ्तार किए गए दानियाल अशरफ और कृष्णा मिश्रा से पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि दोनों ने संवेदनशील ठिकानों की रेकी की थी और वहां की तस्वीरें व वीडियो पाकिस्तान तक भेजे गए थे। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, बाराबंकी निवासी दानियाल अशरफ पंजाब गया था, जहां उसने कथित तौर पर RSS कार्यालय और कई थानों के आसपास जाकर उनकी रेकी की। वहां से उसने फोटो और वीडियो बनाकर अपने पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वर्दीधारियों पर हमले और थानों पर हैंड ग्रेनेड अटैक की ऑनलाइन ट्रेनिंग भी ली गई थी। इसी कारण ATS इस मामले को बेहद गंभीर मान रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI से जुड़े एजेंटों के संपर्क में थे। ATS के अनुसार, दोनों पिछले करीब पांच महीनों से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और लगातार संवेदनशील स्थानों की जानकारी भेज रहे थे। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने वर्दीधारियों की हत्या की साजिश तक की योजना बनाई थी।
ATS ने 6 मई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था और फिलहाल उनसे पुलिस कस्टडी रिमांड में पूछताछ जारी है। पूछताछ के दौरान कई अन्य युवकों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि आरोपियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग और मदद कहां से मिल रही थी।
Location : Lucknow
Published : 15 May 2026, 4:57 AM IST