सहारनपुर के सरसावा टोल प्लाजा पर वर्षों से चल रही फर्जी रसीदों से करोड़ों की अवैध वसूली का पर्दाफाश। पुलिस ने सपा नेता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर रसीद बुक बरामद की। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल, जांच जारी।

सरसावा टोल प्लाजा पर अवैध वसूली का खुलासा
Saharanpur: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के सरसावा थाना प्रभारी प्रवेश कुमार शर्मा ने कुछ समय पहले अपनी टीम के साथ टोल प्लाजा पर वर्षों से चल रहे फर्जी रसीदों के खेल का भंडाफोड़ किया, जिसमें अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बता दें कि इस मामले में एक नेता के शामिल होने की आशंका जताई है, जिसके चलते पुलिस अब जांच कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने किसानों, ट्रैक्टर चालकों और अन्य वाहन चालकों से करोड़ों रुपए की अवैध वसूली की थी।
जानकारी के अनुसार, सरसावा टोल प्लाजा पर लंबे समय से किसानों, ट्रैक्टर चालकों और अन्य वाहन चालकों से फर्जी रसीदें तैयार कर करोड़ों रुपए की वसूली की जाती थी। शिकायतों में बताया गया कि वसूली न देने पर टोल कर्मचारियों द्वारा मारपीट की घटनाएं आम थीं। इस अवैध वसूली की जानकारी पुलिस को कई महीनों तक मिली थी, लेकिन जिला प्रशासन और लेखपाल की तहरीर के बाद ही कार्रवाई निर्णायक रूप से हुई।
सहारनपुर पुलिस ने बताया कि यह वसूली एक संगठित गिरोह के माध्यम से वर्षों से चल रही थी। आरोपियों द्वारा वसूली के दौरान मारपीट की घटनाएं आम थी। इस मामले में एक नेता के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई।
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पुलिस को शिकायत मिली कि टोल प्लाजा पर फर्जी रसीदों के माध्यम से जबरन पैसे वसूले जा रहे थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से सबूत बरामद किए और चारों आरोपियों को जेल भेजा।
एसपी देहात सागर जैन ने इस मामले की जानकारी पत्रकारों को दी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस भंडाफोड़ से क्षेत्र में गलत गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का संदेश गया है।
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गिरफ्तारी के बाद टोल प्लाजा कर्मचारियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल है। पुलिस अब बाकी सहयोगियों और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है। थाना प्रभारी ने आश्वस्त किया कि इस मामले में कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों को कानून के कठोर दायरे में लाया जाएगा।