Muzaffarnagar: रोडवेज कर्मियों के धरना प्रदर्शन में लगे जोरदार नारे, जानें क्या है मांग

यूपी के मुजफ्फरनगर में रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी कई मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। कर्मियों ने राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन और छोटी गाड़ियों की बढ़ती डग्गामारी पर गहरा रोष व्यक्त किया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 1 May 2026, 4:05 PM IST

Muzaffarnagar: रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेशव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को मुजफ्फरनगर डिपो के वर्कशॉप परिसर में कर्मचारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में ट्रैफिक, स्टेशन और कार्यशाला शाखा के सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। धरने की अध्यक्षता संयुक्त रूप से चन्द्रशेखर और विनोद कुमार ने की।

डग्गामारी और अवैध संचालन पर नाराजगी

इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन और छोटी गाड़ियों की बढ़ती डग्गामारी पर गहरा रोष व्यक्त किया।

रोडवेज कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि हाई-एंड निजी बसें परमिट की शर्तों का सरेआम उल्लंघन कर रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) को सीधे तौर पर भारी राजस्व की हानि हो रही हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि अवैध संचालन पर अंकुश नहीं लगा, तो निगम का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

​निजीकरण का कड़ा विरोध

धरने के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि परिवहन निगम की कीमती संपत्तियों और संचालन व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की प्रस्तावित योजनाएं न तो कर्मचारियों के हित में हैं और न ही जनता के। उन्होंने कार्यशालाओं के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने और निगम में नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। हालांकि, इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में दी गई आर्थिक सहायता के लिए आभार भी जताया गया, लेकिन साथ ही निगम के हितों की रक्षा की पुरजोर अपील की गई।

धरना देते रोडवेज कर्मी

कर्मचारियों ने रखी ये ​प्रमुख मांगें

कर्मचारियों ने शासन के समक्ष अपनी मांगों की लंबी सूची रखी, जिसमें मुख्य रूप से:

​1. एक्सप्रेसवे को तत्काल राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित करना।

​2. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से होने वाले घाटे की भरपाई करना।

3. ​संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाना।

​4. कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, बकाया भत्तों का भुगतान और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना।

आंदोलन की चेतावनी

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जिला प्रशासन और निगम प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि 19 मई तक उनकी मांगों पर कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि आगामी 20 मई को क्षेत्र स्तरीय विशाल धरना, प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें मुजफ्फरनगर डिपो के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी ताकत दिखाएंगे। कर्मचारियों का तर्क है कि समय रहते समाधान न होने पर इसका नकारात्मक असर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था और औद्योगिक शांति पर पड़ना तय है

Location :  Muzaffarnagar

Published :  1 May 2026, 3:01 PM IST