
राम मंदिर
Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर की वेबसाइट को साइबर सुरक्षा के लिहाज से और मजबूत कर दिया गया है। अब दर्शन पास और दान से जुड़े पोर्टल को खोलने के लिए कर्मचारियों को दोहरी सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा।
पहले पोर्टल केवल पासवर्ड के जरिए लॉगिन होता था, लेकिन नई व्यवस्था में पासवर्ड डालने के बाद टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन एप से मिले OTP की एंट्री अनिवार्य कर दी गई है। इसके बाद ही वेबसाइट खुलेगी और दर्शन पास बनाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
राम मंदिर के पास काउंटरों पर कर्मचारियों ने नई प्रक्रिया का ट्रायल शुरू कर दिया है। इसी नई प्रणाली के जरिए अब दर्शन पास बनाए जा रहे हैं।
इस बदलाव के बाद बिना अनुमति पोर्टल तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इससे वेबसाइट की सुरक्षा बढ़ेगी और साइबर हमले या अनधिकृत लॉगिन की संभावना कम होगी।
हाल ही में राम मंदिर की वेबसाइट हैक होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद ऑनलाइन पास में गड़बड़ी और चोरी से पास बनाए जाने की चर्चाओं के बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव शुरू किया।
ट्रस्ट के इंजीनियरिंग विभाग ने अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के बाद वेबसाइट सिक्योरिटी सिस्टम में सुधार की प्रक्रिया शुरू की। बताया जा रहा है कि चार से पांच दिनों के भीतर नई सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई।
सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों के अनुसार, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी व्यवस्था साइबर सेंधमारी रोकने में मदद करती है। राम मंदिर की ऑनलाइन सेवाओं के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेदारी TCS कंपनी के पास है।
इसी सॉफ्टवेयर के जरिए रोजाना दर्शन पास, आरती दर्शन और अन्य ऑनलाइन सेवाओं का संचालन किया जाता है। इसके अलावा मंदिर परिसर में लगे कई डोनेशन काउंटरों पर भी ऑनलाइन दान प्रक्रिया इसी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जा रही है।
ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में ऑनलाइन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई अन्य सुधार भी किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा मिल सके।
Location : Ayodhya xzwijukomq]\lijhgydsxza
Published : 17 September 2026, 10:25 AM IST