रेलवे भूमि अधिग्रहण ठगी मामला: 42 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की जांच में नया मोड़, स्वर्ण व्यवसायी का नाम चर्चा में

रेलवे भूमि अधिग्रहण के नाम पर 42 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी के मामले की जांच तेज हो गई है। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन की पड़ताल में एक स्वर्ण व्यवसायी का नाम सामने आने की चर्चा है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 20 June 2026, 8:44 PM IST

Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जनपद में रेलवे भूमि अधिग्रहण के नाम पर 42 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी के मामले की जांच अब अहम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। करीब छह माह पहले दर्ज हुए इस चर्चित मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, जिसके चलते एक स्वर्ण व्यवसायी का नाम भी चर्चा में आ गया है।

बाबू के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा

जानकारी के अनुसार भूमि अध्याप्ति कार्यालय में तैनात रहे बाबू आकाश कुमार उर्फ बादल के खिलाफ तत्कालीन सदर SDM नंद प्रकाश मौर्य की तहरीर पर सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई ADM स्तर की जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं सामने आने के बाद की गई थी। आरोप है कि रेलवे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का हवाला देकर लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी की गई। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी थी।

 वित्तीय लेन-देन की हो रही गहन जांच

वर्तमान में मामले की जांच क्षेत्राधिकारी (CO) सदर द्वारा की जा रही है। जांच टीम बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्तियों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर प्राप्त धनराशि का उपयोग कहां किया गया और क्या उसे किसी अन्य माध्यम से निवेश किया गया था।

स्वर्ण व्यवसायी का नाम चर्चा में

जांच के दौरान जिले के एक स्वर्ण व्यवसायी का नाम भी सामने आने की चर्चा है। हालांकि अब तक किसी भी स्तर पर उसकी संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस उससे पूछताछ कर वित्तीय लेन-देन से जुड़े कुछ अहम तथ्यों की जानकारी जुटा सकती है। जांच एजेंसियां मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।

 मुख्य आरोपी अब भी फरार

मामले का मुख्य आरोपी माने जा रहे निलंबित बाबू आकाश कुमार उर्फ बादल अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच पूरी होने का इंतजार

जिले में चर्चा का विषय बने इस मामले पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि यदि जांच के दौरान नए साक्ष्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है तथा अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन तथ्यों व उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Maharajganj

Published :  20 June 2026, 8:18 PM IST