
डीएम को सौंपा ज्ञापन
Raebareli: कानपुर देहात के रमाबाई नगर में आशा कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित प्रशासनिक बदसलूकी के विरोध में रायबरेली में आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन (एक्टू) के पदाधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। एक्टू के प्रतिनिधिमंडल ने जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
एक्टू अध्यक्ष विजय विद्रोही ने बताया कि कानपुर देहात में तैनात अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। उनका कहना है कि 18 दिसंबर को उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले जिला मुख्यालय पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा था। आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपना चाहती थीं और इसके लिए घंटों तक प्रशासनिक अधिकारियों का इंतजार करती रहीं, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
आशा कार्यकर्ताओं में भय और आक्रोश फैला
एक्टू पदाधिकारियों के अनुसार, काफी देर बाद जब अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) वहां पहुंचे तो उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से बातचीत करने के बजाय कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि अधिकारी नशे की हालत में थे और उन्होंने गाली-गलौज करते हुए प्रदर्शन कर रही महिला कर्मियों को वहां से खदेड़ दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आशा कार्यकर्ताओं में भय और आक्रोश फैल गया।
जबरन कार्यालय के अंदर ले जाकर धमकाया गया
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के दौरान एक महिला आशा कार्यकर्ता वीडियो बना रही थी, तभी उसके साथ जबरदस्ती की गई। आरोप है कि उसका हाथ मरोड़ा गया और मोबाइल फोन छीन लिया गया। इतना ही नहीं, एक अन्य महिला कर्मी को जबरन कार्यालय के अंदर ले जाकर धमकाया गया। इस कथित घटना से आशा कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है और वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
यह सीधे तौर पर संविधान और कानून का उल्लंघन
एक्टू अध्यक्ष विजय विद्रोही ने कहा कि आशा कार्यकर्ता पहले से ही कम मानदेय, अधिक कार्यभार और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों में काम कर रही हैं। ऐसे में यदि प्रशासनिक अधिकारी ही उनके साथ दुर्व्यवहार करेंगे तो यह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि महिला कर्मियों के साथ अभद्रता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती और यह सीधे तौर पर संविधान और कानून का उल्लंघन है।
सोशल मीडिया पर वायरल
घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद प्रदेश भर में आशा कार्यकर्ताओं और श्रमिक संगठनों में रोष है। एक्टू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होगा।
कड़ी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि आरोपी अपर जिलाधिकारी के खिलाफ तत्काल निष्पक्ष जांच कर उन्हें पद से हटाया जाए और महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। एक्टू ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि आशा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
Location : Raebareli
Published : 21 December 2025, 12:12 AM IST
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