Raebareli: बार के पूर्व अध्यक्ष पर मुकदमे से भड़के वकील, 9 जनवरी तक आंदोलन की चेतावनी

रायबरेली में सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। वकीलों ने 9 जनवरी तक कार्रवाई न होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 9 January 2026, 1:00 AM IST

Raebareli: कानून की रखवाली करने वाले जब खुद सड़क पर उतर आएं तो मामला मामूली नहीं रह जाता। रायबरेली में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर वकीलों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर साफ संकेत दे दिया कि अगर बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन और तेज होगा।

कोर्ट परिसर में गूंजे नारे

रायबरेली के कोतवाली नगर थाने में सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र बहादुर सिंह भदौरिया एडवोकेट के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट हो गए। कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर वकीलों ने प्रदर्शन किया और पुलिस पर मनमानी व दबाव बनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा।

आपात बैठक में FIR की निंदा

सेंट्रल बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी एडवोकेट की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में 7 जनवरी 2026 को सुरेंद्र बहादुर सिंह भदौरिया समेत अन्य अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज की गई FIR को झूठा और निराधार बताया गया। वकीलों का कहना था कि यह मुकदमा अधिवक्ताओं पर अनावश्यक दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया है, जिसकी कड़े शब्दों में निंदा की गई।

भूमिधरी जमीन का मुद्दा भी उठा

बैठक में अधिवक्ता कमलेश कुमार भारती की भूमिधरी जमीन पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे का मामला भी जोरशोर से उठाया गया। आरोप लगाया गया कि इस मामले में पुलिस द्वारा कोई समुचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। अधिवक्ताओं ने इसे पुलिस की नकारात्मक और पक्षपातपूर्ण कार्यशैली का उदाहरण बताया।

9 जनवरी तक कार्रवाई नहीं तो आंदोलन जारी

बैठक के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र बहादुर सिंह भदौरिया और अन्य अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज FIR तथा अधिवक्ता कमलेश कुमार भारती के प्रकरण में पुलिस की भूमिका को लेकर सभी अधिवक्ता अत्यधिक आक्रोशित हैं। चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो 9 जनवरी 2026 को भी आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस-प्रशासन पर बढ़ा दबाव

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस और प्रशासन पर दबाव साफ नजर आ रहा है। अधिवक्ताओं की एकजुटता ने यह संकेत दे दिया है कि मामला अगर जल्द नहीं सुलझा, तो इसका असर न्यायिक कार्यों पर भी पड़ सकता है।

Location : 
  • Raebareli

Published : 
  • 9 January 2026, 1:00 AM IST