बस्ती शिक्षा विभाग में घमासान, कनिष्ठ सहायक आलोक कुमार की तैनाती पर उठे सवाल, मंडलायुक्त से जांच की मांग

बस्ती मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक कार्यालय में कनिष्ठ सहायक आलोक कुमार की तैनाती को लेकर विवाद सामने आया है। शिकायत में तबादले, आदेशों के अनुपालन और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 24 October 2026, 2:19 PM IST
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Basti News: बस्ती मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक के कार्यालय में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कनिष्ठ सहायक आलोक कुमार की तैनाती और तबादले के बाद भी बस्ती स्थित कार्यालय में उनके बने रहने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में मंडलायुक्त से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत में संयुक्त शिक्षा निदेशक आनंदकर पांडेय की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

संतकबीरनगर में तैनाती, बस्ती में काम करने का आरोप

मामले में उठाए जा रहे सवालों के मुताबिक, आलोक कुमार की मूल तैनाती संतकबीरनगर में बताई जा रही है, जबकि उनके बस्ती स्थित संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक कार्यालय में काम करने को लेकर विवाद है। शिकायतकर्ता की ओर से सवाल उठाया गया है कि तबादले और तैनाती से संबंधित आदेशों के बावजूद वह कार्यालय में किस आधार पर बने हुए हैं। इस मामले में संबंधित आदेशों और सेवा अभिलेखों की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जांच समिति की रिपोर्ट और आदेशों को लेकर विवाद

शिकायत में कथित तौर पर जांच समिति की रिपोर्ट और कार्रवाई के निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। आरोप है कि संबंधित आदेशों के बावजूद आलोक कुमार की तैनाती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। संयुक्त शिक्षा निदेशक आनंदकर पांडेय पर आदेशों को पलटने या उनकी अनुपालना को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए जांच रिपोर्ट, मूल आदेश और बाद में जारी किए गए निर्देशों का आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आना जरूरी है।

संपत्ति और वसूली के आरोपों की जांच की मांग

इस प्रकरण में आलोक कुमार की कथित संपत्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। कुछ सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि लगभग सात साल के कार्यकाल में उन्होंने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की। इसके अलावा, कार्यालय में कथित वसूली को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों के समर्थन में फिलहाल कोई सत्यापित दस्तावेज या आधिकारिक जांच का निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

मंडलायुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग

मामले को लेकर मंडलायुक्त से शिकायत कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि यदि तबादले या कार्यभार से जुड़े आदेश जारी हुए थे, तो उनका पालन किस तरह किया गया।

अब इस मामले में शिक्षा विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड, संबंधित आदेशों और अधिकारियों के पक्ष की अहम भूमिका होगी। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है।

Location :  Basti

Published :  24 October 2026, 2:19 PM IST

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