UGC Draft Act 2026 को लेकर रायबरेली में विरोध, राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन

रायबरेली से राष्ट्रपति और जिला प्रशासन के माध्यम से यूजीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट एक्ट 2026 को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है। राष्ट्रीय स्वर्ण परिषद की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लागू किए गए ड्राफ्ट एक्ट 2026 से देश की शिक्षा व्यवस्था में असमानता और अविश्वास का माहौल पैदा होगा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 24 January 2026, 7:01 PM IST

Raebareli: रायबरेली से राष्ट्रपति और जिला प्रशासन के माध्यम से यूजीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट एक्ट 2026 को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है। राष्ट्रीय स्वर्ण परिषद की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लागू किए गए ड्राफ्ट एक्ट 2026 से देश की शिक्षा व्यवस्था में असमानता और अविश्वास का माहौल पैदा होगा।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यह कानून एक विशेष वर्ग के छात्रों को पहले से ही आरोपी की तरह देखने की मानसिकता को बढ़ावा देता है, जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों में हीन भावना उत्पन्न होगी। संगठन का कहना है कि ऐसे माहौल में छात्र अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ न तो शिकायत कर पाएंगे और न ही अपनी आवाज उठा सकेंगे, जिसका सीधा असर उनकी शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा।

राष्ट्रीय स्वर्ण परिषद ने चेतावनी दी है कि समानता के नाम पर जातीय राजनीति का बीज बोया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी और देश की प्रतिभाएं बर्बाद हो सकती हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि देश में पहले से ही विभिन्न वर्गों की सुरक्षा के लिए कई कानून मौजूद हैं, लेकिन ड्राफ्ट एक्ट 2026 औपनिवेशिक दौर के काले कानूनों की याद दिलाता है, जिसमें बिना दोष सिद्ध हुए ही एक वर्ग विशेष को अपराधी मान लिया जाता है। परिषद ने मांग की है कि सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यूजीसी ड्राफ्ट एक्ट 2026 को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा भविष्य में छात्रों पर झूठे और अनियंत्रित मुकदमों का खतरा बढ़ सकता है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती साबित होगा।

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लालगंज में राष्ट्रीय परशुराम सेना ने किया प्रदर्शन

वहीं राष्ट्रीय परशुराम सेना रायबरेली द्वारा यूजीसी के तथाकथित काले कानून के विरोध में लालगंज बैसवारा में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन संगठन के प्रदेश महासचिव अंकित पाण्डेय के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।

प्रदर्शन के उपरांत कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी लालगंज के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।प्रेस से वार्ता करते हुए प्रदेश महासचिव अंकित पाण्डेय ने कहा कि यूजीसी कानून सामान्य वर्ग को कमजोर और हाशिये पर धकेलने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मोदी सरकार की दोहरी राजनीति का परिणाम है, जिससे सामान्य वर्ग के अधिकारों का हनन हो रहा है।

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उन्होंने सवाल उठाया कि आज तक मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए ठोस रूप से क्या किया है। पाण्डेय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सामान्य वर्ग ने इस कानून का संगठित रूप से विरोध नहीं किया, तो भविष्य में न तो उनकी जमीन सुरक्षित रहेगी और न ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य।उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो राष्ट्रीय परशुराम सेना देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

अजय, अभिषेक सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे

इस अवसर पर राष्ट्रीय परशुराम सेना एवं गौ रक्षा दल के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें जिला प्रभारी ऋग्वेद सनातनी, जिला महामंत्री शिवा सिंह, जिला मीडिया प्रभारी शशीकांत त्रिवेदी,बिभु तिवारी, आलोक त्रिपाठी, अमर्वेद सिंह, गोपाल सिंह, सार्थक, अजय, अभिषेक सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

Location : 
  • Raebareli

Published : 
  • 24 January 2026, 7:01 PM IST