‘काम कम, धंसते ज्यादा हैं प्रोजेक्ट’, अखिलेश यादव का BJP सरकार पर बड़ा हमला

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की खराब हालत को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए हैं। वहीं NHAI ने मामले में कार्रवाई करते हुए मरम्मत कार्य शुरू कराने और तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 August 2026, 7:43 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में खराब हुई एक सड़क को लेकर बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के विकास कार्यों की हकीकत उद्घाटन के कुछ दिनों बाद ही सामने आने लगती है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े किए।

उद्घाटन के बाद सड़क की मरम्मत पर अखिलेश का निशाना

अखिलेश यादव ने 31 जनवरी को एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एक नई सड़क पर मरम्मत का काम चलता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो में मरम्मत वाली जगह को जल्दी सुखाने के लिए इलेक्ट्रिक पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी को लेकर सपा प्रमुख ने बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह विकास का नया मॉडल है, जहां उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही प्रोजेक्ट की मरम्मत शुरू हो जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई एक्सप्रेसवे बनने के कुछ हफ्तों बाद ही खराब होने लगे तो उस पर सफर करना कितना सुरक्षित होगा। अखिलेश ने सरकार की योजनाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए।

अटल प्रोग्रेस वे को लेकर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने अपने बयान में प्रस्तावित अटल प्रोग्रेस वे का भी जिक्र किया। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह परियोजना सिर्फ योजना और कागजों तक सीमित न रह जाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में कई बड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रोजेक्ट काम करने से ज्यादा टूटने, धंसने और खराब होने की वजह से चर्चा में आ रहे हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

NHAI ने माना- एक्सप्रेसवे के हिस्से में आई थी समस्या

वहीं, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने भी स्थिति स्पष्ट की है। NHAI ने बताया कि 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के 64वें किलोमीटर के पास करीब 300 मीटर हिस्से में खिसकने की समस्या सामने आई थी। प्राधिकरण ने कहा कि समस्या सामने आते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही पूरे मामले की तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि खराबी के कारणों का पता लगाया जा सके।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी

NHAI के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के निर्माण और रखरखाव में लापरवाही बरतने वाले कंसेशनियर, इंडिपेंडेंट इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल इस मामले ने उत्तर प्रदेश में विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। जहां विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है, वहीं प्रशासनिक एजेंसियां जांच और कार्रवाई की बात कर रही हैं।

Location :  Lucknow

Published :  6 August 2026, 7:43 PM IST