
नोएडा गेट (सोर्स: डाइनामाइट न्यूज़)
Noida: गौतमबुद्ध नगर में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। किसान, मजदूर और वकील संगठनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस बिना वजह नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर रही है। इसके अलावा गैरकानूनी तरीके से हिरासत में ले रही है। दरअसल, शुक्रवार (17 अप्रैल) को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल नोएडा आ रहा हैं। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव के निर्देशों पर यह प्रतिनिधिमंडल नोएडा में उन मजदूरों से मिलेगा, जो अपने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने पहले ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और किसानों को नजरबंद कर लिया है।
नेताओं पर नजरबंदी, हिरासत पर सवाल
पुलिस पर एडवोकेट रुपेश वर्मा, किसान नेता सुखबीर खलीफा और मजदूर नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, किसान नेता जगबीर नंबरदार, सपा नेता रोहित बैसोया, किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा, अजब सिंह भाटी जुनपत और संदीप भाटी धापखेड़ा को नजरबंद करने का आरोप है। इसे लेकर वकील और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। पुलिस पर इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे है।
नोएडा महानगर अध्यक्ष ने वीडियो जारी कर
इस मामले में नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है। जिसमें उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल के नोएडा आने से पहले पुलिस उनके घर पहुंच गई है और उनको धारा 163 का नोटिस दिया गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से माता प्रसाद पांडेय मौजूद होंगे। डॉ. आश्रय गुप्ता का आरोप है कि सरकार इस सपा के प्रतिनिधिमंडल से डर गई है।
संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप
पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष योगेश भाटी और उमेश भाटी ने संयुक्त रूप से प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि यह कार्रवाई नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जिसे इस तरह दबाया नहीं जा सकता।
मजदूरों की गिरफ्तारी पर भी उठे सवाल
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि सैकड़ों मजदूरों को जेल में बंद कर दिया गया है, जिनके पास जमानत कराने के लिए न तो पर्याप्त पैसे हैं और न ही जमानती।
पुलिस पर मनमानी के आरोप, आंदोलन की चेतावनी
वकीलों और किसान-मजदूर संगठनों का कहना है कि जिले में नाजायज नजरबंदी और गैरकानूनी हिरासत आम बात बनती जा रही है। पुलिस पर आरोप है कि वह कानून और नागरिक अधिकारों की अनदेखी कर रही है, जबकि उसका काम इन्हें सुरक्षित करना है। इस स्थिति को “अत्यंत आपत्तिजनक” बताते हुए संगठनों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
Location : Noida
Published : 16 April 2026, 9:55 PM IST