
अधिवक्ता मौत मामले में सियासत तेज
Deoria: देवरिया जिले से है जहां बरहज में अधिवक्ता की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। इस मामले में लक्ष्मीपुर गांव के प्रधान राजेश यादव और दुबौली गांव के गामा यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दोनों के खिलाफ फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
क्या है पूरी खबर?
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मामले की जांच के लिए मौके पर पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि जांच के दौरान दोनों आरोपियों की घटना में कोई संलिप्तता सामने नहीं आई, बावजूद इसके उनके खिलाफ संगीन धाराएं लगाकर कार्रवाई की गई है।
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने बरहज जाकर जनता के बीच अपनी बात रखने और न्याय की मांग करने की घोषणा की थी। लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें पहले ही होम अरेस्ट कर दिया। इसके बाद भी बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता खेतों के रास्ते पुलिस को चकमा देकर बरहज की ओर बढ़ने लगे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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आरोपियों पर लगी गंभीर धाराओं को हटाने की मांग
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर घेराबंदी की और काफी मशक्कत के बाद कार्यकर्ताओं को रोक लिया। बाद में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, मुकदमे की समीक्षा और आरोपियों पर लगी गंभीर धाराओं को हटाने की मांग की।
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आसपास के इलाकों में राजनीतिक हलचल तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बरहज और आसपास के इलाकों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
Location : Deoria
Published : 30 April 2026, 2:12 PM IST