गोरखपुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत के चलते कई पेट्रोल पंपों पर “नो स्टॉक” के बोर्ड लग गए। ईंधन की कमी से आवागमन प्रभावित हुआ और लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा। कुछ पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध होने की खबर सामने आई लेकिन वहां भी स्थिति आसान नहीं थी।

पेट्रोल पंप
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गुरुवार का दिन आम लोगों के लिए परेशानी भरा रहा। सुबह से ही पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने शहर से लेकर गांव तक लोगों की रफ्तार धीमी कर दी। हालात ऐसे रहे कि कई पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद मिले और जहां ईंधन था। वहां लंबी कतारों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दर्जनों पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। नंदापार स्थित इंडेन पंप, कटघर का शिवम फिलिंग स्टेशन, सतुआभार स्थित एचपी गैस एजेंसी और चतुरबंदुआरी पेट्रोल पंप समेत कई जगहों पर नो स्टॉक के बोर्ड लगे नजर आए। इससे वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ईंधन की कमी का असर सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा। ग्रामीण इलाकों में लोग अपने काम पर जाने के लिए परेशान दिखे, जबकि शहर में भी बाइक और कार चालकों को पेट्रोल की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ा। कई लोग घंटों लाइन में लगे रहे लेकिन उन्हें पेट्रोल नहीं मिल सका।
गोरखपुर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से हड़कंप, कई पेट्रोल पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड, लोगों को घंटों करना पड़ रहा इंतजार!#Gorakhpur #FuelCrisis #PetrolDiesel #UPNews pic.twitter.com/oLcWalBLLw
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 26, 2026
कुछ पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध होने की खबर सामने आई लेकिन वहां भी स्थिति आसान नहीं थी। जैसे ही लोगों को जानकारी मिली, पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। भीड़ बढ़ने के कारण कई जगह पंप संचालकों ने शटर गिरा दिया। जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बताया कि अचानक ईंधन की सप्लाई बाधित होने से यह स्थिति पैदा हुई है। एक यात्री, जो राजस्थान से आया था, भी अपनी गाड़ी के साथ काफी देर तक पेट्रोल के लिए भटकता रहा और उसे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अब तक इस पूरे मामले पर प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। पिछले कुछ दिनों में ईंधन की कमी को लेकर अफवाहें जरूर फैली थीं लेकिन इस बार हालात जमीनी स्तर पर भी नजर आए।