मासूम बच्चों के निवाले पर डाला डाका…11 करोड़ रुपये डकार गए, अब बलरामपुर पुलिस ने कसा बड़ा शिकंजा

बलरामपुर में करीब 11 करोड़ रुपये के बहुचर्चित "मध्यान्ह भोजन घोटाले" में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पचपेड़वा निवासी जुनैल आबदीन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर IVRS पोर्टल से छात्र संख्या का डेटा चोरी कर पीएफएमएस पोर्टल में हेरफेर करने का आरोप है। जांच में अब तक 14 लोग फंस चुके हैं और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 10 May 2026, 10:52 PM IST
Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े बहुचर्चित मध्यान्ह भोजन घोटाले में पुलिस प्रशासन को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब 11 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन से जुड़े इस मामले में पुलिस ने पचपेड़वा क्षेत्र निवासी जुनैल आबदीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब इस संगठित भ्रष्टाचार की नई-नई परतें सामने आने लगी हैं। पुलिस जांच में अब तक 14 लोग इस घोटाले में शामिल पाए जा चुके हैं।
IVRS पोर्टल से चोरी होता था छात्र संख्या का डेटा
पुलिस पूछताछ में आरोपी जुनैल आबदीन ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह मध्यान्ह भोजन योजना के जिला समन्वयक के साथ मिलकर IVRS पोर्टल से छात्र संख्या का डेटा निकालता था। इसी डेटा के आधार पर स्कूलों के लिए बजट तैयार किया जाता था। आरोपी ने बताया कि वह एक्सेल शीट के जरिए ऐसा रिकॉर्ड तैयार करता था, जो देखने में पूरी तरह शासन के मानकों के अनुरूप लगता था। इस वजह से शुरुआती स्तर पर किसी को भी घोटाले की भनक नहीं लग पाती थी।
PFMS पोर्टल पर होता था असली खेल
जांच में सामने आया कि जिलाधिकारी से बजट अनुमोदन मिलने के बाद आरोपी पीएफएमएस पोर्टल पर डेटा अपलोड करने से पहले तकनीकी हेरफेर करता था। वह अपने पसंदीदा विद्यालयों के बजट को कई गुना तक बढ़ा देता था, जबकि सामान्य स्कूलों के बजट में गुपचुप तरीके से कटौती कर दी जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि लंबे समय तक किसी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। पुलिस का मानना है कि यह घोटाला सुनियोजित तरीके से लंबे समय से चल रहा था।
ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस मामले ने शिक्षा विभाग की ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और डेटा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से पोर्टल के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, उसने विभागीय निगरानी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस की जांच तेज, कई और चेहरे रडार पर
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में गठित टीम लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपी को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया। अधिकारियों का कहना है कि घोटाले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जिन लोगों ने बच्चों के भोजन के पैसे में घोटाला किया है, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मामले के सामने आने के बाद जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Location :  Balrampur

Published :  10 May 2026, 10:52 PM IST