
थाने में खड़े 137 लावारिस वाहनों की नीलामी (IMG: Dynamite News)
Mainpuri: थानों में सालों से धूल फांक रहे लावारिस और दावारहित वाहनों के खिलाफ मैनपुरी पुलिस ने अब बड़ा कदम उठाया है। घिरोर थाने में लंबे समय से खड़े 137 दोपहिया और तीन पहिया वाहनों को आखिरकार नीलाम कर दिया गया। बुधवार को ऑपरेशन क्लीन अभियान के तहत हुई सार्वजनिक नीलामी में आसपास के इलाकों से आए पंजीकृत कबाड़ियों ने जमकर बोली लगाई। नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से कराई गई। इस दौरान कुल 12 पंजीकृत स्क्रैप कारोबारियों ने हिस्सा लिया। आखिर में सबसे ज्यादा बोली 5 लाख 25 हजार रुपये की लगी। इसके साथ बोली राशि पर नियमानुसार 18 प्रतिशत GST यानी 94,500 रुपये भी ऑनलाइन जमा किए गए।
घिरोर थाने में लंबे समय से बड़ी संख्या में ऐसे वाहन खड़े थे, जिनके मालिकों का पता नहीं चल सका था या जिन पर किसी ने दावा नहीं किया था। समय बीतने के साथ इन वाहनों की हालत खराब होती जा रही थी और थाना परिसर में भी जगह घिर रही थी। इन्हीं वाहनों के विधिक निस्तारण के लिए पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन अभियान के तहत नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद नियमानुसार वाहनों की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सार्वजनिक नीलामी के लिए रखा गया।
नीलामी में कुल 12 पंजीकृत स्क्रैप कारोबारियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत बोली लगाई। नीलामी में सबसे ज्यादा बोली टोकन संख्या-07 के प्रतिभागी फैजान कुरैशी पुत्र अनीश मोहम्मद निवासी मोहल्ला कुरैशी सहावर जनपद कासगंज ने लगाई। फैजान कुरैशी ने कुल 5 लाख 25 हजार रुपये की सर्वोच्च बोली लगाकर 137 वाहनों की नीलामी अपने नाम कर ली। इसके बाद नियमानुसार बोली राशि पर 18 प्रतिशत GST के रूप में 94,500 रुपये भी ऑनलाइन जमा किए गए।
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नीलामी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही। पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण में पूरी कार्रवाई कराई गई। नीलामी की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी घिरोर पीयूष जायसवाल ने की। समिति में क्षेत्राधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी यानी एआरटीओ, थाना प्रभारी घिरोर और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल रहे।
पुलिस और प्रशासन ने नीलामी की पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड भी किया। इसके लिए वीडियोग्राफी कराई गई और जरूरी अभिलेखीय कार्रवाई भी पूरी की गई। नीलामी में शामिल वाहनों और बोली प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को नियमानुसार सुरक्षित किया गया है। अधिकारियों की निगरानी में हुई इस कार्रवाई का मकसद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना था।
मैनपुरी पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन क्लीन अभियान का उद्देश्य थानों में लंबे समय से खड़े लावारिस और दावारहित वाहनों का विधिक निस्तारण करना है। दरअसल, अलग-अलग मामलों में जब्त या लावारिस हालत में मिले वाहन लंबे समय तक थानों में पड़े रहते हैं। कई बार इनका निस्तारण नहीं होने से थाना परिसर में जगह की कमी होने लगती है। साथ ही लंबे समय तक खुले में पड़े रहने के कारण वाहन पूरी तरह खराब भी हो जाते हैं।
137 वाहनों की नीलामी के बाद घिरोर थाना परिसर में लंबे समय से खड़ी अनुपयोगी गाड़ियों से काफी हद तक छुटकारा मिल गया है। इससे पुलिस को परिसर में अतिरिक्त जगह भी मिलेगी। वहीं, नीलामी में लगी 5.25 लाख रुपये की सर्वोच्च बोली और उस पर जमा किया गया 94,500 रुपये GST सरकारी व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
Location : Mainpuri
Published : 29 July 2026, 5:23 PM IST