नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 28 मार्च 2026 को उद्घाटन के लिए तैयार है। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, व्यापार और अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। जल्द ही यहां से घरेलू उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।

उद्घाटन के लिए तैयार जेवर एयरपोर्ट (Img- Internet)
Noida: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब पूरी तरह तैयार है और 28 मार्च 2026 को इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी करेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित यह एयरपोर्ट दिल्ली से करीब 75 किलोमीटर दूर है और उत्तर भारत की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट का डिजाइन इसे अन्य हवाई अड्डों से अलग बनाता है। टर्मिनल के बाहर घाट जैसी सीढ़ियां वाराणसी और हरिद्वार से प्रेरित हैं, जबकि छत का लहरदार ढांचा बहते पानी जैसा अहसास कराता है। अंदर जालीदार दीवारें, खुला आंगन और प्राकृतिक रोशनी भारतीय वास्तुकला की झलक पेश करते हैं।
करीब 5,000 हेक्टेयर में फैले इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह विकसित होने पर एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की क्षमता के साथ तैयार किया जा रहा है। इसे Zurich Airport International AG की सहायक कंपनी द्वारा विकसित किया जा रहा है।
यह एयरपोर्ट देश का पहला नेट-जीरो एनर्जी एयरपोर्ट बनने की दिशा में काम कर रहा है। इसकी 25% से अधिक ऊर्जा सौर ऊर्जा से आएगी। UV-रिफ्लेक्टिव ग्लास से गर्मी में कमी आएगी, जबकि रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और ऑर्गेनिक वेस्ट मैनेजमेंट इसे पर्यावरण के लिहाज से खास बनाते हैं।
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हालांकि उद्घाटन 28 मार्च को होगा, लेकिन कमर्शियल फ्लाइट्स उसी दिन शुरू नहीं होंगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, लाइसेंस मिलने के 45 दिन से 2 महीने के भीतर उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। IndiGo पहली लॉन्च एयरलाइन होगी, जबकि Akasa Air और Air India Express भी शुरुआत में शामिल होंगी।
एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल के साथ 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी। 2050 तक यहां 6 रनवे और 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सके।
एयरपोर्ट को सड़क, बस, मेट्रो और भविष्य की बुलेट ट्रेन से जोड़ा जाएगा। दिल्ली, गुरुग्राम, आगरा समेत कई शहरों से इसकी कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है। साथ ही नोएडा फिल्म सिटी को जोड़ने के लिए पॉड टैक्सी परियोजना भी प्रस्तावित है।
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, यह एयरपोर्ट राज्य की अर्थव्यवस्था में करीब 1 लाख करोड़ रुपये का योगदान दे सकता है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद जैसे शहरों को इससे सीधा लाभ मिलेगा और दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2001 में हुई थी और 2021 में इसका शिलान्यास किया गया था। अब 2026 में यह एयरपोर्ट उद्घाटन के लिए तैयार है, जो उत्तर भारत के विकास की नई कहानी लिखने जा रहा है।