मुर्दों के खातों में बरस रहा था सरकारी धन: कागजों पर जिंदा मिले 13,903 मृत किसान, जानिए कैसे हुआ इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के सत्यापन में जिले में 13,903 मृत किसान पाए गए हैं। अब इन किसानों के उत्तराधिकारियों का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाएगा।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 13 September 2026, 5:22 PM IST

Muzaffarnagar: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के सत्यापन में जिले में 13,903 मृत किसान पाए गए हैं। अब इन किसानों के उत्तराधिकारियों का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही योजना की पात्रता पूरी करने वाले वारिसों का पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

सत्यापन में सामने आई मृत किसानों की संख्या

कृषि विभाग की एक सितंबर तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों के सत्यापन के दौरान 13,903 लाभार्थी मृत पाए गए। संबंधित तहसीलों और संस्थानों के स्तर पर ऐसे किसानों की सूची तैयार की गई है। अब मृत किसानों की जमीन पर उनके कानूनी उत्तराधिकारियों का नाम दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद मृत लाभार्थियों के नाम से पहले जारी हुई सम्मान निधि की राशि की वसूली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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वारिसों को पंजीकरण के लिए करना होगा इंतजार

अधिकारियों के अनुसार, मृत किसान के उत्तराधिकारी का नाम जमीन के अभिलेखों में दर्ज होने के बाद ही वह किसान सम्मान निधि के लिए पात्र किसान के तौर पर अपना पंजीकरण करा सकेगा। इसके लिए किसानों को राजस्व और भूमि रिकॉर्ड को दुरुस्त कराना होगा। इसी तरह की समस्याओं का समाधान करने के लिए जिले में 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान किसानों के रिकॉर्ड से जुड़ी कमियों को दूर करने पर जोर रहेगा।

ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग पर भी जोर

उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने बताया कि अभियान में किसानों की भूमि का रिकॉर्ड खतौनी में दर्ज कराने, आधार से जुड़ी जानकारी अपडेट करने और ई-केवाईसी कराने का काम किया जाएगा। किसानों की भूमि संबंधी जानकारी को शिविरों के माध्यम से राजस्व अभिलेखों में अपडेट किया जाएगा। वहीं आधार सीडिंग का काम संबंधित किसानों के माध्यम से कराया जाएगा। ई-केवाईसी के लिए राजकीय कृषि बीज भंडार और तकनीकी सहायकों की मदद ली जाएगी।

8.27 लाख किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य

कृषि विभाग की ओर से जिले में 8 लाख 27 हजार 779 किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 8 लाख 255 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 96.67 प्रतिशत है। अधिकारियों का कहना है कि फार्मर आईडी बनने से किसानों की डिजिटल पहचान मजबूत होगी। इसके जरिए उन्हें कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

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बार-बार दस्तावेज देने की जरूरत होगी कम

फार्मर रजिस्ट्री तैयार होने के बाद किसानों की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी। इससे अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार वही जानकारी देने की जरूरत कम होगी। डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर योजनाओं के पात्र किसानों की पहचान भी अधिक आसानी से की जा सकेगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

किन किसानों की बनेगी फार्मर आईडी?

फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए मुख्य रूप से वही किसान पात्र होंगे, जिनका नाम संबंधित राजस्व और भूमि अभिलेखों में दर्ज है। पंजीकरण के दौरान किसान की पहचान और जमीन से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार आधार, मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी दस्तावेजों के जरिए जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद किसान की फार्मर आईडी तैयार की जाएगी।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  13 September 2026, 5:22 PM IST