मुजफ्फरनगर के जज रवि कुमार दिवाकर ने बनाया नया रिकॉर्ड, 8 महीने में 22 दोषियों को सुनाई सजा-ए-मौत

वाराणसी के ज्ञानवापी मामले से चर्चा में आए न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मुजफ्फरनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में तैनात जज रवि कुमार दिवाकर ने करीब 8 महीने के कार्यकाल में 9 संगीन मामलों में 22 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 17 August 2026, 4:48 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर इन दिनों अपने फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी मामले में फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अब मुजफ्फरनगर में संगीन अपराधों के मामलों में लगातार सख्त फैसले सुनाकर एक अलग पहचान बनाई है। मुजफ्फरनगर पहुंचने के बाद करीब 8 महीने के भीतर उन्होंने 9 गंभीर मामलों में 22 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। इन मामलों में हत्या, लूट के बाद हत्या और अन्य जघन्य अपराध शामिल हैं।

नवंबर 2025 में मुजफ्फरनगर पहुंचे थे जज रवि कुमार दिवाकर

जानकारी के मुताबिक न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर दिसंबर 2025 में बरेली से ट्रांसफर होकर मुजफ्फरनगर आए थे। इसके बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में सुनवाई करते हुए उन्होंने कई गंभीर मामलों में दोषियों को कठोरतम सजा सुनाई। सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि जज रवि कुमार दिवाकर ने अब तक 9 मामलों में 22 लोगों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इन अपराधों को गंभीरतम श्रेणी में मानते हुए यह फैसला दिया।

इन मामलों में सुनाई गई फांसी की सजा

  1. 6 अप्रैल 2026 को अधिवक्ता समीर सैफी हत्याकांड में अदालत ने सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान और शालू उर्फ अरबाज को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
  2. 28 अप्रैल 2026 को शेखर हत्याकांड मामले में आरोपी मुकेश, उसके बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को फांसी की सजा दी गई।
  3. 30 मई 2026 को राजेश देवी हत्या मामले में आरोपी रईस को मृत्युदंड सुनाया गया।
  4. 20 जून 2026 को राजेंद्र सैनी हत्याकांड में रामकरण उर्फ सावन गिरी और गीलू को फांसी की सजा सुनाई गई।
  5. 2 जुलाई 2026 को होमगार्ड रतिराम हत्याकांड में आरोपी दीपक को मृत्युदंड दिया गया।
  6. 6 जुलाई 2026 को राजबीर सिंह हत्याकांड में पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार और सहदेव उर्फ पप्पू को फांसी की सजा सुनाई गई।
  7. 17 जुलाई 2026 को किसान राजसिंह की लूट के बाद हत्या के मामले में अजित, सूरज उर्फ काला, अनिल और सुनील को मृत्युदंड की सजा दी गई।
  8. 12 अगस्त 2026 को सालिम हत्याकांड में अभियुक्त शाहनवाज को फांसी की सजा सुनाई गई।
  9. 13 अगस्त 2026 को पवन हत्याकांड में राहुल उर्फ बोसी, हरेंद्र कुमार, रामवीर और राजीव उर्फ छोटू को मृत्युदंड दिया गया।

ज्ञानवापी मामले से भी जुड़े रहे हैं जज रवि कुमार दिवाकर

न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर इससे पहले वाराणसी के ज्ञानवापी मामले को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। इसके बाद वह चित्रकूट और बरेली में भी तैनात रहे। बरेली से ट्रांसफर होकर वह मुजफ्फरनगर पहुंचे थे। सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने कहा कि अदालत ने जिन मामलों में फांसी की सजा सुनाई है, वे सभी बेहद गंभीर और जघन्य अपराधों से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि अदालत ने अपराधों की गंभीरता को देखते हुए यह कठोर फैसला लिया।

सख्त फैसलों को लेकर चर्चा में न्यायाधीश

लगातार आए इन फैसलों के बाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनके फैसलों को लेकर कानूनी जगत में भी चर्चा हो रही है। हालांकि फांसी की सजा के मामलों में अंतिम फैसला उच्च न्यायालय और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं के अधीन होता है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  17 August 2026, 4:48 PM IST