मुजफ्फरनगर में कॉकरोच के पुतले पर क्यों भड़के संजीव बालियान? नाम बदलने पर उठाए सवाल

मुजफ्फरनगर में कॉकरोच के पुतले का नाम बदलकर भ्रष्टाचार रखने पर संजीव बालियान ने सवाल उठाए। जानें दशहरा उत्सव, रावण दहन और उनके बयान से जुड़ी पूरी खबर।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 21 October 2026, 12:07 AM IST

Muzaffarnagar: उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दशहरा उत्सव के दौरान कॉकरोच के पुतले का नाम बदलकर भ्रष्टाचार किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे अधिकारियों की गलती बताया। उनका कहना है कि आयोजकों को कॉकरोच का पुतला जलाने देना चाहिए था, क्योंकि इससे पूरे देश में बड़ा संदेश जाता। नुमाइश कैंप ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में 65 फीट के रावण समेत चार पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान आतिशबाजी, लेजर लाइट शो और आकर्षक झांकियां भी आयोजन का हिस्सा रहीं।

कॉकरोच के पुतले का नाम बदलने पर क्यों हुआ विवाद?

मुजफ्फरनगर के नुमाइश कैंप ग्राउंड में मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयदशमी के अवसर पर भव्य दशहरा उत्सव आयोजित किया गया। इस दौरान 65 फीट ऊंचे रावण, 55 फीट के मेघनाद और 50 फीट के कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। इनके साथ 15 फीट के एक अन्य पुतले को भी जलाया गया, जो शुरुआत में कॉकरोच के रूप में तैयार किया गया था।

आयोजकों के अनुसार, दहन से कुछ घंटे पहले श्रीराम सेवा दल की कमेटी ने आपसी सहमति से कॉकरोच के पुतले का नाम बदलकर भ्रष्टाचार कर दिया। इसके बाद इस पुतले का दहन भी भ्रष्टाचार के प्रतीक के रूप में किया गया। हालांकि, नाम बदलने के पीछे की विस्तृत वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

मुजफ्फरनगर में अनोखा दशहरा! रावण, मेघनाद, कुंभकरण के साथ भ्रष्टाचार का पुतला भी जला

संजीव बालियान ने अधिकारियों के फैसले पर उठाए सवाल

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कॉकरोच के पुतले का नाम बदले जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे अधिकारियों की गलती बताते हुए कहा कि आयोजकों को कॉकरोच का पुतला जलाने देना चाहिए था। उनके मुताबिक, कॉकरोच का पुतला जलने से पूरे देश में एक बड़ा संदेश जाता।

बालियान के बयान के बाद दशहरा उत्सव में पुतले का नाम बदलने का मुद्दा चर्चा में आ गया है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से इस मामले में क्या वजह रही और नाम बदलने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया गया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

पहले युवती से अभद्रता, फिर थप्पड़बाजी… झांसी में सड़क पर भिड़े युवक-युवती; जानें पूरा मामला

आतिशबाजी और जय श्रीराम के जयघोष के बीच हुआ रावण दहन

नुमाइश कैंप ग्राउंड में शाम करीब 7:45 बजे डॉ. संजीव बालियान और उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से रिमोट का बटन दबाकर पुतलों का दहन किया। इस दौरान मैदान में करीब तीन से चार हजार लोग मौजूद बताए गए। रंग-बिरंगी आतिशबाजी, लेजर लाइट शो और आकर्षक झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

श्रीराम सेवा दल की ओर से पिछले 36 वर्षों से यहां दशहरा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार चारों पुतलों को तैयार करने में करीब दो लाख रुपये खर्च हुए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। एसपी सिटी अमृत जैन और एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की, जबकि एसपी ट्रैफिक अतुल चौबे की टीम ने यातायात संभाला।

कड़ी सुरक्षा के बीच दशहरा उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कॉकरोच के पुतले का नाम बदलने का मामला अब आयोजन की प्रमुख चर्चाओं में शामिल हो गया है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  21 October 2026, 12:41 AM IST