मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे ब्लैकमेलिंग और कथित अवैध धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। मुठभेड़ के बाद जिम संचालक फरीद को गिरफ्तार किया गया। कई जिम सीज किए गए हैं और पीड़िताओं के गंभीर आरोपों ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जिम की आड़ में चल रहे ब्लैकमेलिंग और कथित अवैध धर्मांतरण के एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। देहात कोतवाली क्षेत्र के बरकछा इलाके में पुलिस मुठभेड़ के दौरान जिम संचालक व ट्रेनर फरीद को गिरफ्तार किया गया।
मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में गोली चलाई गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मिर्जापुर के कई जिमों में युवतियों को ट्रेनिंग के बहाने प्रेमजाल में फंसाया जाता था। इसके बाद निजी पलों के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता और मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता था। इस मामले में जिम ट्रेनर मोहम्मद शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर और सादाब को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए KGN और बी-फिट समेत कुल पांच जिमों को सीज कर दिया है। इन जिमों पर आरोप है कि वे संगठित तरीके से इस अवैध गतिविधि का हिस्सा थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई और नाम सामने आ सकते हैं और गिरोह की जड़ तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने पहले दोस्ती और प्रेम का नाटक किया, फिर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। उसके नाम पर जबरन लोन लिया गया और विरोध करने पर जान से मारने व वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उस पर बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने और कलमा पढ़कर धर्म बदलने का दबाव बनाया गया।
इस पूरे मामले पर भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ बताते हुए कहा कि योगी सरकार में ऐसे मामलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके बयान के बाद पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ तेज़ कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर के बाद गिरफ्तारी की।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फरीद के पास से दो अवैध तमंचे बरामद किए गए हैं। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।