मायावती ने आकाश आनंद को BSP से किया बाहर, अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद लिया बड़ा फैसला

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती ने आरोप लगाया कि आकाश आनंद पार्टी से ज्यादा परिवार को महत्व दे रहे थे और डबल माइंड होकर काम कर रहे थे। यह फैसला आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 10 September 2026, 9:51 AM IST

Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर रहे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती ने गुरुवार सुबह अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

मायावती ने आकाश आनंद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों के बजाय परिवार को ज्यादा महत्व दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद डबल माइंड होकर काम कर रहे थे, जिसके चलते पार्टी हित में यह फैसला लेना पड़ा।

अशोक सिद्धार्थ के राजनीति छोड़ने के ऐलान के बाद कार्रवाई

आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने का फैसला उनके ससुर और बसपा के वरिष्ठ नेता रहे अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के ऐलान के कुछ समय बाद आया। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के फैसले को देर से लिया गया लेकिन सही कदम बताया।

मायावती ने अपने बयान में कहा कि अगर अशोक सिद्धार्थ ने यह फैसला पहले ले लिया होता तो बसपा, बहुजन समाज और बहुजन मूवमेंट को लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। साथ ही आकाश आनंद को लेकर पार्टी को बार-बार कड़े फैसले लेने की जरूरत भी नहीं पड़ती।

यूपी चुनाव की तैयारियों के बीच मायावती का बड़ा दांव

मायावती ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव, खासकर उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार सरकार बनाने की तैयारियों के बीच पार्टी और मूवमेंट के व्यापक हित को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

आकाश आनंद को मायावती ने साल 2019 में बसपा में सक्रिय भूमिका दी थी। इसके बाद उन्हें पार्टी के युवा चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया गया था। हालांकि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर उनकी भूमिका और फैसलों को लेकर सवाल उठते रहे थे।

बसपा में फिर बढ़ी सियासी हलचल

आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद बसपा की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। मायावती का यह कदम पार्टी संगठन और नेतृत्व को लेकर बड़ा संदेश माना जा रहा है।

Location :  Lucknow

Published :  10 September 2026, 9:51 AM IST