STF UP की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की GST चोरी करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह बेनकाब, कई आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की STF टीम के हाथ बड़ी सफलता लगी है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF), उत्तर प्रदेश को फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 January 2026, 4:22 PM IST

Lucknow/Saharanpur: उत्तर प्रदेश की STF टीम के हाथ बड़ी सफलता लगी है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF), उत्तर प्रदेश को फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। STF ने सहारनपुर से गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में बनाकर फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की अवैध खरीद-फरोख्त कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विशाल गर्ग जोकि न्यू भगवती कॉलोनी, बेहट रोड, सहारनपुर का निवासी है। दूसरे आरोपी की पहचान बशारत अब्बासी के रूप में हुई है। जोकि आज़ाद कॉलोनी, थाना मंडी, सहारनपुर का रहने वाला है। आखिरी आरोपी जो पकड़ा गया है उसका नाम फरमान है। आरोपी फरमान  चांद कॉलोनी, थाना कुतुबशेर, सहारनपुर का रहने वाला है। इन तीनों को STF UP की टीम ने 27 जनवरी 2026 को सुबह 5:15 बजे थाना सदर बाजार परिसर में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया है।

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ये सारी चीजें हुई बरामद

STF ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन,  2 लैपटॉप (चार्जर सहित), 2 आधार कार्ड, 17 चेकबुक, 11 पासबुक, 9 एटीएम कार्ड और ₹5200 नकद बरामद किए हैं।

कैसे करते थे GST की चोरी

STF की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बोगस फर्में पंजीकृत करते थे। इन फर्जी फर्मों के नाम से बिना किसी वास्तविक लेन-देन के फर्जी सेल्स इनवाइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे। इसके जरिए वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराया जाता था, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता था।

वास्तविक फर्म मालिक अपना GST नंबर, माल या सेवा का विवरण व्हाट्सएप के जरिए आरोपियों को भेजते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य पहले से बनी बोगस फर्मों के माध्यम से GST पोर्टल पर फर्जी एंट्री कर देते थे।

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सर्कुलर ट्रेडिंग और फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन

फर्जी खरीद को असली दिखाने के लिए बैंक खातों में लेन-देन दर्शाया जाता था। बाद में यह रकम कैश या सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए समायोजित कर ली जाती थी। आरोपियों के पास कई फर्मों के GST लॉगिन ID और पासवर्ड मौजूद थे, जिससे वे OTP के जरिए आसानी से ट्रांजेक्शन कर लेते थे।

उत्तर प्रदेश से हरियाणा तक फैला नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में दर्जनों बोगस फर्में पंजीकृत कर रखी थीं। मोबाइल फोन में 30 से अधिक ई-मेल आईडी भी मिली हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी फर्मों के संचालन में किया जा रहा था।

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आगे की कार्रवाई

STF अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, फर्जी फर्मों और GST चोरी की कुल राशि का आकलन कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 27 January 2026, 4:22 PM IST