अर्णब चक्रवात का कहर: तेज हवाओं से खेतों में गिरी धान की तैयार फसल, किसानों के होश उड़े

महाराजगंज के नौतनवा में अर्णब चक्रवात के प्रभाव से मौसम में आए बदलाव और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।तेज हवाओं और बारिश के चलते कई गांवों में धान की फसल खेतों में गिर गई है खेतों में पक कर तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 November 2026, 8:10 PM IST

Maharajganj: महाराजगंज के नौतनवा में अर्णब चक्रवात के प्रभाव से मौसम में आए बदलाव और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पक कर तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं और बारिश के चलते कई गांवों में धान की फसल खेतों में गिर गई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने लगा है। वहीं, किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।

खेतों में पक कर तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। ( img-dynamite news)

तेज हवाओं से खेतों में तैयार धान की फसल गिरी

लक्ष्मीपुर ब्लॉक के बरगदवा मधुबनी, मलहनी फूलवारिया समेत कई गांवों में धान की फसल को नुकसान पहुंचने की खबर है। स्थानीय किसान रामदौड़, साधु यादव, संतराम और अमिताभ सहित अन्य किसानों ने बताया कि तेज हवाओं के चलते खेतों में तैयार धान की फसल जमीन पर गिर गई है। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी, लेकिन फसल गिरने से अब उत्पादन प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।

फसल बीमा योजना की जानकारी से अनजान किसान

फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के सामने एक और बड़ी समस्या सामने आई है। क्षेत्र में अधिकांश किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी तक नहीं है। किसानों में फसल बीमा को लेकर जागरूकता की कमी दिखाई दी। वहीं, तहसील स्तर पर भी किसानों को योजना की जानकारी देने और जागरूक करने के लिए प्रभावी पहल नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता और बीमा का लाभ कैसे मिलेगा, यह बड़ा सवाल है।

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लेखपालों को सर्वे का निर्देश

इस संबंध में नौतनवा नायब तहसीलदार सुदेश पटेल ने बताया कि अर्णब चक्रवात से फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए सभी लेखपालों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्हें गांवों में जाकर फसल क्षति का सर्वे करने और रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा गया है।

वहीं, जिलाधिकारी ने जिले की सभी तहसीलों को तत्काल फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर नुकसान की रिपोर्ट राहत आयुक्त कार्यालय भेजने को कहा गया है।

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फसल बीमा से जुड़ी मुख्य बातें

मुआवजा वितरण: हाल ही में खरीफ सीजन के दौरान अतिवृष्टि और आंधी से प्रभावित महराजगंज के किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला है, जिसमें हजारों किसानों के खातों में मुआवजा राशि ट्रांसफर की गई है।
• 72 घंटे के भीतर सूचना: यदि बेमौसम बारिश, आंधी या अतिवृष्टि से फसल को नुकसान होता है, तो किसानों को 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 पर इसकी सूचना दर्ज करानी जरूरी होती है।

Location :  Maharajganj

Published :  2 November 2026, 8:10 PM IST