
फरेंदा के खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब
Maharajganj: महराजगंज के कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अनुराज जैन की अध्यक्षता में निपुण भारत मिशन की समीक्षा आयोजित की गई। बैठक में कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षताओं का आकलन, विद्यालय-वार रिपोर्ट, शिक्षक प्रशिक्षण, पुस्तकों की उपलब्धता एवं शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार समीक्षा के दौरान सीडीओ ने खंड शिक्षा अधिकारी फरेंदा को पाक्षिक डायरी प्रस्तुत न करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में दिव्यांग अनुकूल शौचालय निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्राथमिकता के आधार पर शौचालयों का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए और समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए।
सीडीओ ने कहा कि विद्यालय स्तर पर प्रत्येक बच्चे का लर्निंग आउटकम ट्रैक किया जाए और जिन बच्चों का प्रदर्शन कमजोर है, उनके लिए विशेष रिमेडियल क्लासेस संचालित हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की अधिगम क्षमता में गुणात्मक सुधार लाने के लिए नवाचारी और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों का उपयोग आवश्यक है।
बैठक में सीडीओ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि निपुण स्कूल की दृष्टि से सबसे कमजोर 100 से 150 विद्यालयों का चयन कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाए। साथ ही, मिशन निपुण के प्रति अभिभावक और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
सीडीओ ने कहा कि मिशन निपुण प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है। इसलिए शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी इस दिशा में गंभीरता से प्रयास करें और किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला विकास अधिकारी बी.एन. कन्नौजिया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुश्री ऋद्धि पांडेय, डीपीओ दुर्गेश कुमार, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, एआरपी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
Location : Maharajganj
Published : 22 September 2025, 11:02 PM IST
Topics : BDO CDO Maharajganj nipun bharat mission Rebuke