
जिलाधिकारी महराजगंज गौरव सिंह सोगरवाल(Source: Google)
Maharajganj: जनपद में भारत-नेपाल खुली सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती तस्करी, संदिग्ध गतिविधियों और सीमा पार होने वाली अवैध आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद की 84 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर 17 हाईटेक वॉच टावर स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों (SDM) को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में जल्द से जल्द उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराएं, ताकि निर्माण प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। डीएम ने कहा कि सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लें।
बताया जा रहा है कि महराजगंज की नेपाल सीमा लंबे समय से संवेदनशील मानी जाती रही है। खुली सीमा होने के कारण कई बार तस्करी, अवैध कारोबार, पशु तस्करी, खाद्य सामग्री और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की आवाजाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके अलावा सीमा पार संदिग्ध गतिविधियों को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। ऐसे में वॉच टावर बनने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी में बड़ी मजबूती मिलेगी।
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जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बैठक में कहा कि वॉच टावरों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्र में हर गतिविधि पर प्रभावी नजर रखना है। आधुनिक निगरानी व्यवस्था के जरिए नेपाल सीमा से होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही पुलिस, एसएसबी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
सूत्रों के मुताबिक इन वॉच टावरों को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित किया जाएगा, जहां से सीमा क्षेत्र की गतिविधियों पर दूर तक नजर रखी जा सके। इससे सुरक्षा बलों को त्वरित कार्रवाई करने में भी आसानी होगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह योजना सीमा सुरक्षा के लिहाज से गेमचेंजर साबित हो सकती है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सीमावर्ती गांवों में सतर्कता बढ़ाई जाए और स्थानीय स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि सीमा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को जड़ से समाप्त किया जाए।
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महराजगंज प्रशासन के इस बड़े फैसले को सीमा सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। 17 वॉच टावर बनने के बाद न सिर्फ तस्करी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी दिखाई देगी।
Location : Maharajganj
Published : 11 May 2026, 11:37 PM IST
Topics : Border Security DM Decision High Tech Watch Tower Indo Nepal Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़)