आपदा प्रभावित गांवों में नुकसान का आकलन तेज, 72 घंटे में रिपोर्ट तलब; DM गौरव सिंह सोगरवाल सख्त

महराजगंज के शिकारपुर, भोतहा और सोहगीबरवा में आपदा से हुए नुकसान का आकलन शुरू। डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने विभागों को 72 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 October 2026, 6:15 PM IST

Maharajganj: उत्तरप्रदेश के महराजगंज जनपद में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कर पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण की कार्रवाई को गति देने की तैयारी तेज हो गई है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर ग्राम शिकारपुर, भोतहा और सोहगीबरवा में पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (PDNA) के तहत स्थलीय निरीक्षण और क्षति आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर तथ्यपरक और सत्यापित रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित परिसंपत्तियों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस प्रक्रिया के माध्यम से आपदा से हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने लाने के साथ मरम्मत, पुनर्निर्माण और आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए जरूरी कार्यों को चिह्नित किया जाएगा।

72 घंटे में विभागवार रिपोर्ट देने का निर्देश

जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, सिंचाई, विद्युत, लोक निर्माण विभाग (PWD), राजस्व और पंचायती राज सहित संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में हुए नुकसान का स्थलीय सत्यापन करने को कहा गया है। सभी विभागों को अगले 72 घंटे के भीतर विभागवार क्षति आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट में नुकसान का स्पष्ट विवरण और पुनर्बहाली के लिए आवश्यक कार्यों का उल्लेख करना होगा।

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नुकसान का होगा आकलन

क्षति आकलन के दौरान भवनों और अन्य परिसंपत्तियों को हुई संरचनात्मक क्षति का विवरण तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही बिजली, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं से संबंधित गैर-संरचनात्मक क्षति का भी आकलन होगा। प्रभावित परिसंपत्तियों की मरम्मत, पुनर्निर्माण और आवश्यक सेवाओं को दोबारा सुचारु करने के लिए जरूरी संसाधनों एवं कार्यों की पहचान भी की जाएगी।

तहसील से जिला स्तर तक होगी रिपोर्ट की जांच

निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, संबंधित विभाग अपनी रिपोर्ट तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को उपलब्ध कराएंगे। समिति रिपोर्टों की समीक्षा, सत्यापन और समेकन करने के बाद उन्हें जिला स्तरीय समिति को भेजेगी। जिला स्तरीय समिति परीक्षण और अनुमोदन की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिपोर्ट संबंधित राहत कार्यालय को प्रेषित करेगी।

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पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट (PDNA) का मुख्य उद्देश्य आपदा से हुई वास्तविक क्षति और पुनर्बहाली की जरूरतों का व्यवस्थित एवं तथ्यपरक आकलन करना है। इसके आधार पर नियमानुसार राहत, क्षतिपूर्ति, मरम्मत और पुनर्निर्माण से संबंधित आवश्यक कार्रवाई के लिए आधार तैयार किया जाएगा।

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण और सत्यापित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का जोर है कि क्षति का सही आकलन कर प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण से जुड़ी कार्रवाई नियमानुसार आगे बढ़ाई जाए।

Location :  Maharajganj

Published :  19 October 2026, 6:15 PM IST