लखनऊ में बनेगा देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन, पांडेगंज में ऊपर-नीचे दौड़ेंगी ट्रेनें

Lucknow Metro के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर पांडेगंज स्टेशन अपनी अनोखी बनावट के लिए चर्चा में है। यहां मेट्रो ट्रेनें समानांतर नहीं, बल्कि अलग-अलग ऊंचाई पर चलेंगी। जानिए इसकी गहराई, रूट और लागत।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 15 October 2026, 8:56 AM IST
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में मेट्रो का सफर आने वाले समय में एक अलग इंजीनियरिंग अनुभव दे सकता है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत बनने वाला पांडेगंज मेट्रो स्टेशन अपनी गहराई और अनोखी बनावट के कारण खास होगा। यहां मेट्रो ट्रेनें आम स्टेशनों की तरह अगल-बगल से गुजरने के बजाय अलग-अलग स्तरों पर, यानी एक ऊपर और दूसरी नीचे, चलेंगी। पुराने लखनऊ की घनी आबादी और सीमित जगह के बीच इस स्टेशन का निर्माण बड़ी तकनीकी चुनौती माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने इस स्टेशन का रूट मैप तैयार कर लिया है। प्रस्तावित डिजाइन में जगह की कमी को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों के ट्रैक और स्टेशन के विभिन्न हिस्सों को अलग-अलग स्तरों पर व्यवस्थित किया जाएगा।

क्यों खास होगा पांडेगंज मेट्रो स्टेशन?

पांडेगंज स्टेशन पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले इलाके में बनाया जा रहा है। यहां एक तरफ अंग्रेजों के समय का बना नाला है, जबकि दूसरी तरफ सिटी रेलवे स्टेशन और उसकी रेल लाइन मौजूद है। ऐसे में मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए उपलब्ध जगह सीमित है।

इसी चुनौती को देखते हुए स्टेशन का डिजाइन सामान्य भूमिगत मेट्रो स्टेशनों से अलग तैयार किया गया है। ट्रेनों के ट्रैक समानांतर बनाने के बजाय उन्हें अलग-अलग ऊंचाई पर रखने की योजना है। इससे सीमित जगह में मेट्रो संचालन की व्यवस्था बनाई जा सकेगी।

पांच मंजिला होगा स्टेशन, अलग-अलग स्तर पर चलेंगी ट्रेनें

प्रस्तावित योजना के अनुसार, पांडेगंज मेट्रो स्टेशन पांच मंजिलों में विकसित किया जाएगा। इसके निचले दो स्तरों पर मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही से जुड़ी व्यवस्था होगी, जबकि बाकी तीन स्तरों पर यात्रियों की आवाजाही और स्टेशन संचालन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इस स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत इसका वर्टिकल डिजाइन होगा। दूसरे स्टेशनों पर जहां ट्रेनों के ट्रैक सामान्य तौर पर अगल-बगल होते हैं, वहीं पांडेगंज में वे अलग-अलग स्तरों पर होंगे। स्टेशन पर पहुंचने से पहले ट्रेनों के ट्रैक अलग ऊंचाइयों पर आ जाएंगे और आगे बढ़ने पर फिर समानांतर हो जाएंगे।

चारबाग से वसंतकुंज तक बनेगा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर

लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित है। यह कॉरिडोर पुराने लखनऊ के प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। परियोजना के तहत भूमिगत और एलिवेटेड, दोनों तरह के सेक्शन बनाए जाने हैं।

इस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 11.16 किलोमीटर बताई गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 5,801 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित योजना में कुल 12 स्टेशन शामिल हैं, जिनमें सात भूमिगत और पांच एलिवेटेड स्टेशन होंगे।

ब्लू लाइन परियोजना पर एक नजर

चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाला ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर लखनऊ के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को विस्तार देगा। भूमिगत सेक्शन के जरिए पुराने शहर के व्यस्त इलाकों को जोड़ा जाएगा, जबकि एलिवेटेड सेक्शन में मेट्रो जमीन के ऊपर से गुजरेगी।

पांडेगंज स्टेशन की खास डिजाइन यह दिखाती है कि घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में मेट्रो परियोजनाओं के लिए किस तरह वैकल्पिक इंजीनियरिंग समाधान अपनाए जा सकते हैं। हालांकि, स्टेशन की अंतिम गहराई, निर्माण की स्थिति और संचालन संबंधी विवरणों की पुष्टि आधिकारिक परियोजना दस्तावेजों से की जानी चाहिए।

Location :  Lucknow

Published :  15 October 2026, 8:56 AM IST

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