रूठी बुआ पिघली, आकाश आनंद को फिर सौंपी राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने पार्टी से निकाले गए अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर राष्ट्रीय संयोजक की कुर्सी पर बैठा दिया है। इसकी घोषणा उन्होंने सोमवार को एक ट्विट के जरिए की। मायावती ने 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 5 October 2026, 10:51 PM IST

Lucknow: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने सोमवार को एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में वापसी का ऐलान कर दिया है। BSP प्रमुख ने पार्टी के हित का हवाला देते हुए आकाश आनंद को एक बार फिर बीएसपी के राष्ट्रीय संयोजक पद की जिम्मेदारी सौंप दी है।

ससुर के संन्यास के बाद बदला माहौल

मायावती ने कहा कि आकाश आनंद का व्यक्तित्व पार्टी में अमूमन ठीक रहा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में कुछ ऐसे हालात बने जिसके चलते संगठन में बदलाव करने पड़े। इन हालात के बीच आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेना पड़ा। इसके बाद से आकाश आनंद के काम करने के तरीके में काफी बदलाव आया है।

BSP प्रमुख ने बताया कि पार्टी के ज्यादातर लोगों की मांग थी कि आकाश आनंद की अपील को स्वीकार करते हुए उन्हें पुरानी जिम्मेदारियों के साथ दोबारा काम करने का मौका दिया जाए। इस बात पर उनके पिता और छोटे भाई ईशान आनंद ने भी अपनी सहमति जताई है। ईशान आनंद ने पार्टी के लिए अपनी ईमानदारी दिखाते हुए ये तक कहा कि वो बिना किसी पद के भी मायावती के निर्देशों के मुताबिक पूरी ईमानदारी से काम करने को तैयार हैं।

मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम का कड़ा संघर्ष हमेशा से पार्टी की प्रेरणा रहा है। बीएसपी ने इसी रास्ते पर चलकर राजनीति में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं और आगामी यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां भी जोरों पर हैं।

सबके साथ एक जैसा व्यवहार

उन्होंने कहा कि जनता का हित उनके लिए सबसे पहले है। पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्होंने अतीत में कई कड़े फैसले लिए हैं, जिससे उनके अपने परिवार के लोग भी अछूते नहीं रहे हैं।

बीएसपी में वापसी पर आकाश आनंद ने कहा बसपा प्रमुख ने बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूं और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूं।

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इस बीच मिली बड़ी सीख

आकाश ने आगे कहा कि पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। सबसे बड़ी सीख ये है कि ये मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और कांशीराम ने जो रास्ता दिखाया, और जिस पर आपने अपना पूरा जीवन लगा दिया, उस पर चलना मेरा सौभाग्य है इसलिए आपके दिशा-निर्देशन में पार्टी और मूवमेंट का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा।

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राष्ट्रीय हित सर्वोपरी

उन्होंने कहा कि मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ, संगठन को मजबूत करने के लिए दिन-रात काम करूंगा। आपने मुझ पर भरोसा किया है। अब उसे अपने काम से सही साबित करना मेरी जिम्मेदारी है।

 

Location :  Lucknow

Published :  5 October 2026, 10:43 PM IST