कपिल देव अग्रवाल की कोशिश रंग लाई, मुजफ्फरनगर में सांस्कृतिक धरोहर को मिली नई उम्मीद

मुजफ्फरनगर की ऐतिहासिक पीस लाइब्रेरी के पुनर्निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। लंबे विवाद के बाद प्रशासन और प्रबंधन के बीच सहमति बनी है। लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं के साथ नए रूप में विकसित किया जाएगा और दुर्लभ पुस्तकों को भी संरक्षित किया जाएगा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 4 June 2026, 2:26 AM IST

Muzaffarnagar : शहर की पहचान रही पीस लाइब्रेरी अब फिर से अपने पुराने वैभव की ओर लौटने की तैयारी में है। वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी यह ऐतिहासिक धरोहर अब पुनर्निर्माण की दिशा में एक नई उम्मीद बनकर उभर रही है। लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान के बाद इसके पुनर्निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

 

विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल

पीस लाइब्रेरी के भविष्य को लेकर नगरपालिका और प्रबंधन के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। लेकिन हाल ही में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच बातचीत का माहौल सकारात्मक बना। इसी क्रम में पीस लाइब्रेरी के सचिव सुशील अग्रवाल के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें समाधान की दिशा में सहमति बनी।

नई पहचान के साथ होगा पुनर्निर्माण

अब पीस लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए नए स्वरूप में विकसित किए जाने की योजना है। प्रशासन और प्रबंधन मिलकर इसे एक ऐसे केंद्र के रूप में तैयार करने की दिशा में काम करेंगे, जहां पढ़ाई, शोध और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

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ऐतिहासिक पुस्तकों का संरक्षण भी प्राथमिकता

पुनर्निर्माण योजना के तहत लाइब्रेरी में मौजूद दुर्लभ और ऐतिहासिक पुस्तकों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें प्रदर्शित करने की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे नई पीढ़ी को न केवल ज्ञान मिलेगा बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ाव मजबूत होगा।

साहित्य प्रेमियों में खुशी की लहर

शहर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पीस लाइब्रेरी का पुनर्निर्माण मुजफ्फरनगर की सांस्कृतिक और बौद्धिक पहचान को फिर से मजबूत करेगा।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  4 June 2026, 2:26 AM IST