जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां निजी स्कूलों की लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। भिटौली क्षेत्र में संचालित होप पब्लिक स्कूल की एक स्कूली वैन को बुधवार को एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बड़ी कार्रवाई…

20 मासूमों की जान खतरे में
Maharajganj: जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां निजी स्कूलों की लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। भिटौली क्षेत्र में संचालित होप पब्लिक स्कूल की एक स्कूली वैन को बुधवार को एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मौके पर ही सीज कर दिया।
क्या है पूरी खबर?
मिली जानकारी के अनुसार, यह वैन क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को लेकर स्कूल से घर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 20 बच्चों को एक छोटे वाहन में ठूंस-ठूंस कर बैठाया गया था, जिससे बच्चों को सांस लेने तक में दिक्कत हो रही थी। कई बच्चे घबराए हुए थे और उनकी हालत देखकर स्पष्ट था कि उनकी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था।
मौके पर स्थिति का जायजा
इतना ही नहीं, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वैन पूरी तरह से अनफिट थी। वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं था, जरूरी कागजात अधूरे थे और वाहन की हालत भी जर्जर थी। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इसी बीच अचानक एआरटीओ मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बच्चों की हालत देखकर उन्होंने तत्काल सभी बच्चों को सुरक्षित वाहन से उतरवाया। इसके बाद बिना देर किए वैन को सीज कर दिया गया और जुर्माना लगाया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वाहन को भिटौली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
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जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि निजी स्कूल खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा है।
सबसे बड़ा सवाल शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। आरोप है कि “सेटिंग-गेटिंग” के जरिए स्कूलों को मान्यता दी जाती है और स्कूली वाहनों की नियमित जांच नहीं होती। इसी का नतीजा है कि अनफिट और ओवरलोडेड वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं और बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है।