कौशाम्बी में अंगारों पर चलकर पूरी की प्रतिज्ञा, कौशाम्बी में युवती की अनोखी साधना ने खींचा ध्यान

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के अमहा गांव में शारदीय नवरात्र की नवमी पर प्रतापगढ़ की सुदेश्वरी दुर्गा ने अंगारों पर चलकर अपनी नौ दिवसीय प्रतिज्ञा पूरी की। वह नौ दिनों तक कीलों की शैय्या पर लेटकर और नुकीली कीलों की कुर्सी पर बैठकर साधना करती रहीं। उनकी कठिन तपस्या देखने के लिए गांव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 19 October 2026, 5:31 PM IST
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Kaushambi: शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की भक्ति और आस्था के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक युवती की कठिन साधना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। नगर पालिका परिषद भरवारी के अमहा गांव में प्रतापगढ़ से आईं सुदेश्वरी दुर्गा ने नवरात्र की नवमी पर अंगारों पर चलकर अपनी नौ दिवसीय प्रतिज्ञा पूरी की। इस दौरान गांव में माता रानी के जयकारे गूंजते रहे और उनकी साधना देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु जुटे।

प्रतापगढ़ जिले के पुन्नेमऊ गांव की रहने वाली फोटो उर्फ सुदेश्वरी दुर्गा इन दिनों अपनी बहन शिमला देवी के घर अमहा गांव में रह रही हैं। बताया गया कि वह पिछले चार वर्षों से मां दुर्गा की आराधना और कठिन तपस्या कर रही हैं। उनकी साधना को देखने के लिए दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। शाम होते ही गांव में भक्तिमय माहौल बन जाता है और श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना में जुट जाते हैं।

सपने में माता रानी के दर्शन के बाद शुरू की साधना

सुदेश्वरी दुर्गा के मुताबिक करीब चार वर्ष पहले वह गंभीर बीमारी से परेशान थीं। उन्होंने कई जगह इलाज कराया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। इसी दौरान उनके सपने में माता रानी के दर्शन हुए। उनका दावा है कि इसके बाद उन्होंने मां दुर्गा की आराधना शुरू की और साधना के बाद बीमारी से जुड़ी परेशानियां दूर हो गईं।

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सुदेश्वरी के अनुसार इसी अनुभव के बाद से उन्होंने मां दुर्गा की तपस्या जारी रखी है। बीते चार वर्षों से उनकी यह साधना लगातार चल रही है। नवरात्र के दौरान उनकी कठिन तपस्या को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं। हालांकि, बीमारी से राहत मिलने का उनका अनुभव उनका व्यक्तिगत दावा है।

गांव का भ्रमण करने के बाद अंगारों पर चलीं

नवरात्र की नवमी पर सोमवार को सुदेश्वरी दुर्गा ने अपनी नौ दिवसीय प्रतिज्ञा पूरी की। साधना के क्रम में उन्होंने सबसे पहले अमहा गांव का भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने नुकीली लोहे की कीलों से बनी शैय्या पर बैठकर और खड़े होकर झूला झूला। उनकी साधना में कीलों से बनी कुर्सी पर बैठना और शैय्या पर लेटना भी शामिल रहा।

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इसके बाद उन्होंने अंगारों पर चलकर नौ दिनों की साधना पूरी की। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। माता रानी के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। युवती की कठिन साधना को लेकर दिनभर चर्चा होती रही।

Location :  Kaushambi

Published :  19 October 2026, 5:31 PM IST

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