कौशाम्बी में फार्मा रजिस्ट्री योजना के तहत किसानों के रजिस्ट्रेशन में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने 22 जनसेवा केन्द्रों की आईडी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शालिनी प्रभाकर
Kaushambi: कौशाम्बी में सरकारी योजना की रफ्तार पर ब्रेक लगाने वालों पर अब प्रशासन ने सख्त शिकंजा कस दिया है। बार-बार चेतावनी और निर्देशों के बावजूद लापरवाही बरतने वाले जनसेवा केन्द्र संचालकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। किसानों के रजिस्ट्रेशन में सुस्ती अब भारी पड़ गई और जिला प्रशासन ने सीधे 22 जनसेवा केन्द्रों की आईडी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
किसान रजिस्ट्रेशन को लेकर सख्ती
भारत सरकार द्वारा संचालित फार्मा रजिस्ट्री योजना के तहत एग्री स्टैक पोर्टल पर जनपद कौशाम्बी के सभी किसानों का रजिस्ट्रेशन जन सेवा केन्द्रों के माध्यम से किया जाना है। लेकिन जिले में किसानों के पंजीकरण की प्रगति बेहद खराब पाई गई। इसी को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाया जा रहा था, ताकि अधिक से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित हो सके।
लापरवाही पर गिरी गाज
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शालिनी प्रभाकर ने बताया कि इस अभियान में सभी जनसेवा केन्द्र संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपने-अपने क्षेत्र के किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता पर कराएं। इसके बावजूद कई संचालकों ने लगातार लापरवाही बरती। नतीजा यह रहा कि जिले की कुल प्रगति पर सीधा असर पड़ा और लक्ष्य से काफी पीछे रहना पड़ा।
22 जनसेवा केन्द्रों की आईडी निरस्त
लगातार निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने 22 जनसेवा केन्द्र संचालकों की आईडी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। जिन संचालकों पर कार्रवाई हुई है, उनमें सुभाष कुमार, अनूप सिंह, सुनील कुमार, रजनीश, विपिन कुमार प्रजापति, शिव कुमार, दीपक कुमार, मोहम्मद कैफ, विनय कुमार शर्मा, अशोक कुमार त्रिपाठी, आदित्य मिश्रा, शिव शंकर, मिथलेश कुमार, जय प्रकाश पाण्डेय, भारत कुमार, कृष्ण कुमार मौर्या, अमरीश गुप्ता, रवि करण मौर्या, रितेश कुमार, गोवर्धन सिंह, निशान अली और नियाज उद्दीन शामिल हैं।
प्रशासन का साफ संदेश
प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों के हित से जुड़े कार्यों में कोताही बरतने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में रजिस्ट्रेशन की गति धीमी है, वहां अब नए विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।
अभियान रहेगा जारी
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों के रजिस्ट्रेशन का अभियान आगे भी जारी रहेगा और शेष जनसेवा केन्द्रों की नियमित समीक्षा की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।