
वाराणसी में एयर शो (Image: X)
भारतीय वायुसेना के इस बड़े आयोजन में प्रयागराज स्थित मध्य वायु कमान मुख्यालय की अहम भूमिका है। यहीं से एयर शो की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। बमरौली एयरबेस से उड़ान भरने वाले विमान वाराणसी के नमो घाट पर हवाई प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद सुरक्षित अपने निर्धारित ठिकानों पर लौटेंगे। एयर शो की तैयारियों और रिहर्सल के दौरान लड़ाकू विमानों की तेज आवाज प्रयागराज के आसमान में भी सुनाई दे रही है। इससे स्थानीय लोगों में भी वायुसेना के इस आयोजन को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
इस एयर शो में करीब 100 अत्याधुनिक और विभिन्न श्रेणियों के विमान शामिल होने की जानकारी दी गई है। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान और 32 हेलीकॉप्टरों के साथ एक ऐतिहासिक विमान भी शामिल बताया गया है। देश के 12 प्रमुख वायु अड्डों से इस बेड़े के विमानों की भागीदारी होगी, जबकि प्रयागराज इस आयोजन के प्रमुख केंद्रों में से एक है। प्रदर्शन के दौरान सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों की ताकत देखने को मिलेगी। इन विमानों के करतब दर्शकों को भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता और हवाई कौशल की झलक दिखाएंगे।
एयर शो का खास आकर्षण वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम होगी। टीम के नौ विमान आसमान में एक साथ करतब दिखाकर रंगीन आकृतियां बनाएंगे। इसके अलावा चिनूक हेलीकॉप्टर का गंगा के ऊपर कम ऊंचाई पर प्रदर्शन और वायुसेना के गरुड़ विशेष बल की भागीदारी भी आयोजन को खास बनाएगी।
प्रयागराज इससे पहले भी भारतीय वायुसेना के शानदार हवाई प्रदर्शन का गवाह बन चुका है। आठ अक्टूबर 2023 को वायुसेना की 91वीं वर्षगांठ के मौके पर यहां भव्य एयर शो आयोजित किया गया था। इस बार वाराणसी के नमो घाट पर होने वाले आयोजन में प्रयागराज की भूमिका नियंत्रण और निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। काशी में गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की कलाबाजियां देखने के लिए लोगों में उत्साह है, जबकि इस पूरे आयोजन के पीछे प्रयागराज स्थित मध्य वायु कमान की जिम्मेदारी खास बनी हुई है।
Location : Varanasi
Published : 22 October 2026, 1:47 PM IST