मक्का निकालते समय बारिश से बचने पीपल के नीचे बैठे देवर-भाभी और 11 वर्षीय बच्ची, बिजली गिरने से तीनों की मौत

कासगंज के माधों गांव में आकाशीय बिजली गिरने से देवर-भाभी और 11 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतकों के पात्र आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता मिलेगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 October 2026, 6:43 PM IST

Kasganj: बारिश से बचने के लिए खेत में पीपल के पेड़ के नीचे बैठे तीन लोगों पर आकाशीय बिजली काल बनकर टूट पड़ी। कासगंज जिले के सहावर थाना क्षेत्र के गांव माधों में बुधवार शाम हुए हादसे में देवर-भाभी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में नीरज (35), उनकी भाभी रामवती (35) और रामवती की 11 वर्षीय बेटी कशिश शामिल हैं। हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। कहीं दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया तो कहीं बच्चों को मां की ममता से महरूम होना पड़ा। एक ही परिवार की मां-बेटी की मौत से परिजन बदहवास हैं। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। एसडीएम हर्षिता देवड़ा ने बताया कि आकाशीय बिजली से हुई जनहानि के मामले में शासन की ओर से निर्धारित राहत राशि मृतकों के पात्र आश्रितों को दिलाई जाएगी।

मक्का निकालते समय शुरू हुई बारिश, पेड़ के नीचे बैठे थे तीनों

गांव माधों निवासी नीरज पुत्र अतर सिंह, उनकी भाभी रामवती पत्नी सुभाष और रामवती की बेटी कशिश बुधवार शाम करीब 3:30 बजे खेत में मक्का निकाल रहे थे। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए तीनों खेत में खड़े पीपल के पेड़ के नीचे बैठ गए। तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरने से तीनों उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तीनों को आनन-फानन में सहावर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें जिला अस्पताल कासगंज रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

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मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

हादसे में जान गंवाने वाले नीरज टेंट लगाने का काम करते थे। इसी से वह परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी भूमि और दो छोटे बेटे हर्षित (तीन वर्ष) तथा गोपी (डेढ़ वर्ष) हैं। पिता की अचानक मौत से दोनों मासूम बच्चों के सिर से साया उठ गया। पति की मौत से भूमि पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है। नीरज की मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रामवती की मौत से मां-बेटी का छूटा साथ

आकाशीय बिजली की चपेट में आकर रामवती की भी जान चली गई। उनके पति सुभाष खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में बेटे लव-कुश (10 वर्ष) और अर्पित (11 वर्ष) हैं। मां की मौत से दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, 11 वर्षीय कशिश की मौत से परिवार को दोहरा सदमा लगा है। एक ही हादसे में मां-बेटी की जान जाने से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। नीरज और रामवती के परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद रिश्तेदार और परिचित भी अस्पताल पहुंच गए।

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मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता

आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि पर शासन की ओर से आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। एसडीएम हर्षिता देवड़ा ने बताया कि मृतकों के पात्र आश्रितों को शासन के नियमानुसार राहत राशि दिलाई जाएगी। इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी। आकाशीय बिजली से मृत्यु होने पर निर्धारित दर के अनुसार प्रति मृतक चार लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। सहायता का भुगतान नियमानुसार जांच और आवश्यक अभिलेखों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा।

Location :  Kasganj

Published :  15 October 2026, 6:43 PM IST