150 साल की परंपरा, 90 फीट का रावण! कानपुर की परेड रामलीला में दशहरे की तैयारी पूरी

कानपुर की ऐतिहासिक परेड रामलीला अपने 150वें वर्ष में खास अंदाज में दशहरा मनाने जा रही है। ब्रिटिश काल से चली आ रही इस परंपरा में इस बार 90 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। जानिए रामलीला का इतिहास, मंचन की परंपरा और इस बार की खास तैयारियां।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 19 October 2026, 5:28 PM IST
google-preferred

Kanpur: कानपुर की ऐतिहासिक परेड रामलीला इस बार अपने 150वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। ब्रिटिश काल से चली आ रही इस परंपरा को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। दशहरे को लेकर रामलीला मैदान में तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस बार यहां 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा, जो अपनी खास बनावट और आकर्षक प्रभावों के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।

ब्रिटिश काल से जुड़ा है परेड रामलीला का इतिहास

परेड रामलीला कानपुर की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। रामलीला समिति के महामंत्री आलोक अग्रवाल के मुताबिक, इस आयोजन की शुरुआत वर्ष 1877 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। उस दौर में अंग्रेज अधिकारी भी रामलीला का मंचन देखने आते थे। समय के साथ यह आयोजन शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बन गया। इस रामलीला की एक खास परंपरा यह भी है कि पिछले 42 वर्षों से मथुरा का चतुर्वेदी परिवार यहां रामलीला के पात्रों का मंचन करता आ रहा है।

साल में सिर्फ एक दिन खुलता है कानपुर का रावण मंदिर, दशहरे पर होंगे दर्शन; फिर करना होगा सालभर इंतजार

90 फीट का रावण होगा आकर्षण का केंद्र

इस बार दशहरे पर परेड रामलीला मैदान में 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। पुतले को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। आयोजकों के मुताबिक, रावण के पुतले में विशेष प्रभाव भी रखे गए हैं। इसके ठहाकों, आंखों से निकलने वाली लेजर लाइट और मुंह से निकलने वाले अंगारों जैसे दृश्य दर्शकों का ध्यान खींचेंगे। दशहरे के दिन रावण दहन के दौरान मैदान में जय श्रीराम के जयकारे गूंजने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

कानपुर में यहां सजे हैं 2 से 40 फीट तक के रावण, दशहरे से पहले मंडी में उमड़ी भीड़; कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान

रावण का पुतला बनाते हैं सलीम खान

परेड रामलीला की खासियत सिर्फ इसकी ऐतिहासिक परंपरा नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे की मिसाल भी है। यहां रावण का पुतला बनाने की जिम्मेदारी सलीम खान और उनका परिवार पिछले कई वर्षों से निभा रहा है। अलग-अलग समुदायों के लोगों की भागीदारी इस आयोजन को सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी बनाती है। डेढ़ सदी से चली आ रही परेड रामलीला आज भी अपनी परंपराओं को सहेजे हुए है। इस बार 90 फीट ऊंचे रावण का दहन और पारंपरिक रामलीला का मंचन कानपुर के दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

Location :  Kanpur

Published :  19 October 2026, 5:28 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement