कानपुर में कम कैरेट के सोने पर फर्जी हॉलमार्क! लेजर मशीन जब्त, पुलिस जांच में जुटी

कानपुर के चौक सर्राफा बाजार में कम कैरेट के सोने पर लेजर मशीन से फर्जी हॉलमार्क जैसा निशान लगाने का कथित मामला सामने आया है। पुलिस ने एक दुकान से मशीन जब्त कर मुकदमा दर्ज किया है। जांच में अक्षय गुप्ता और दिनेश वर्मा से जुड़ी कड़ियों की पड़ताल की जा रही है...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 October 2026, 8:05 PM IST

Kanpur News: सोना खरीदते समय लोग उसकी शुद्धता पर भरोसा करते हैं और हॉलमार्क को असली होने की पहचान मानते हैं। लेकिन कानपुर के चौक सर्राफा बाजार से सामने आए कथित फर्जीवाड़े ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच में कम कैरेट के सोने के आभूषणों पर लेजर मशीन से हॉलमार्क जैसा निशान बनाकर उन्हें अधिक शुद्ध दिखाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने संबंधित दुकान से लेजर मशीन जब्त कर मुकदमा दर्ज किया है। अब जांच की जा रही है कि इस तरीके से कितने आभूषणों पर निशान लगाया गया और इसमें कौन-कौन शामिल है।

ज्वेलरी शोरूम में जांच के दौरान खुला मामला

जानकारी के मुताबिक, करीब दो दिन पहले एक महिला बिरहाना रोड स्थित ज्वेलरी शोरूम में सोने के आभूषण बेचने पहुंची थी। शोरूम में गहनों की जांच की गई तो उनकी शुद्धता और कैरेट को लेकर गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले की पड़ताल शुरू हुई। पुलिस जांच में अक्षय गुप्ता नाम के व्यक्ति की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। बताया गया कि उसने महिला को ये आभूषण दिए थे और इसके बदले 40 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद पुलिस ने गहनों के स्रोत का पता लगाना शुरू किया।

चौक सर्राफा की दुकान तक पहुंची पुलिस

जांच की कड़ी आगे बढ़ी तो पुलिस चौक सर्राफा बाजार स्थित दिनेश वर्मा की दुकान तक पहुंची। आरोप है कि यहां कम कैरेट वाले सोने के आभूषणों पर लेजर कटिंग मशीन की मदद से हॉलमार्क जैसा निशान तैयार किया जाता था, ताकि उनकी वास्तविक शुद्धता से अधिक कैरेट दर्शाया जा सके। पुलिस ने मौके से संबंधित लेजर मशीन को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद सर्राफा कारोबार में सोने की शुद्धता और हॉलमार्क की प्रमाणिकता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मामले में आरोपों की पूरी पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

एसीपी अमित कुमार पांडे के मुताबिक, मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि कम शुद्धता वाले सोने पर हॉलमार्क जैसा निशान लगाकर उसे असली दिखाने का मामला जांच में सामने आया है। पुलिस ने मशीन जब्त कर ली है और प्रकरण से जुड़े लोगों की पहचान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कितने गहनों पर लगा फर्जी निशान, जांच जारी

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तरीके से कितने आभूषणों पर निशान लगाया गया और क्या ऐसे गहने दूसरे ग्राहकों को भी बेचे गए हैं। साथ ही, पूरे मामले में शामिल लोगों की भूमिका और लेनदेन की कड़ियों की जांच की जा रही है। यह मामला सोना खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी अहम है। हॉलमार्क की विश्वसनीयता और आभूषणों की वास्तविक शुद्धता की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच जरूरी है। फिलहाल, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही कथित फर्जीवाड़े का पूरा दायरा स्पष्ट हो सकेगा।

Location :  Kanpur

Published :  12 October 2026, 8:05 PM IST