उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फर्जी फर्मों के जरिए करीब 200 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। एसटीएफ ने गुजरात से एक आरोपी गिरफ्तार हुआ। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

यूपी एसटीएफ के किया अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश ( Img: Dynamite)
Lucknow: यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को फर्जी इनवाइस/ई-वे बिल के माध्यम से जीएसटी चोरी करने वाले और करोडों की राजस्व क्षति करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।
अभियुक्त की पहचान मो. अल्ताफ सोजतवाला पुत्र मुश्ताक भाई सोजतवाला अपोजिट मीना ज्वैलर्स नियर पांचपीपली पुलिस चौकी थाना गायकवाड हवेली अहमदाबाद गुजरात के रूप में हुई है।
एसटीएफ ने अभियुक्त से 1 लैपटॉप, 2 मोबाइल, 1 पेन ड्राईव तथा 35700 नगद बरामद किया है। आरोपी की गिरफ्तारी गुरुवार को थाना कार्यालय गायकवाड हवेली अहमदाबाद गुजरात से हुई है। जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम अहमदाबाद के गुजरात में अभिसूचना संकलन हेतु भ्रमणशील थी।
इस दौरान टीम को ज्ञात हुआ कि बोगस फर्मों का पंजीकरण कर बोगस इनवाइसेज तथा ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक फर्मों को बेचकर करोड़ो रूपये की राजस्व क्षति पहुंचाने वाले गिरोह का सदस्य जमालपुर थाना गायकवाड हवेली अहमदाबाद क्षेत्र में सकिय है।इस सूचना पर एसटीएफ ने संदिग्ध को चिन्हित करते हुये थाना कार्यालय गायकवाड हवेली अहमदाबाद गुजरात से गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश पीयूष सोनी समेत अन्य शामिल हैं, के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराता था। इन फर्मों के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) उपलब्ध कराया जाता था, जिससे बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जाती थी।
अभियुक्त से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके पहचान पत्र और दस्तावेज हासिल करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां खोलकर बैंक खातों के माध्यम से लेनदेन दिखाया जाता और बाद में रकम को नकद या अन्य माध्यमों से वापस कर दिया जाता था।
एसटीएफ के अनुसार, यह गिरोह गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में सक्रिय था। अलीगढ़ में दर्ज एक मुकदमे की जांच के दौरान इस नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद एसटीएफ को कार्रवाई के लिए लगाया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले में आगे की जांच में जुट गई है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।