
यूट्यूबर छवि वार्ष्णेय की मौत (Img: Dynamite News)
Hathras: महाकाल के दर्शन के लेकर परिवार के साथ निकलीं हाथरस की चर्चित यूट्यूबर छवि वार्ष्णेय और उनकी मां सारिका वार्ष्णेय के साथ रास्ते में ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया। मध्य प्रदेश में हुए सड़क हादसे में मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। जिस सफर की शुरुआत धार्मिक यात्रा के रूप में हुई थी, वह कुछ ही देर में परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।
जानकारी के मुताबिक छवि और उनकी मां सोमवार देर रात परिवार के साथ उज्जैन के लिए रवाना हुई थीं। परिवार महाकाल के दर्शन करने जा रहा था। इसी दौरान उज्जैन-गरोठ फोरलेन पर रामाखेड़ी गांव के पास उनकी कार एक ट्रक में पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छवि और उनकी मां सारिका वार्ष्णेय की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनके पिता, कार चालक और पिता के समधी घायल हो गए। हादसे की खबर जैसे ही परिवार और परिचितों तक पहुंची, हर तरफ शोक का माहौल हो गया।
छवि हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र के महौ गांव की रहने वाली थीं। उनके चेचरे भाई सचिन वार्ष्णेय के मुताबिक छवि बचपन से ही प्रतिभाशाली थीं। पढ़ाई में भी वह काफी अच्छी थीं और ग्रेजुएशन तक शिक्षा हासिल की थी। परिवार के अनुसार उनके मन में हमेशा कुछ अलग करने और आगे बढ़ने की इच्छा थी।
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इसी जुनून ने उन्हें सोशल मीडिया की दुनिया तक पहुंचाया। साल 2021 में उन्होंने यूट्यूब चैनल शुरू किया। शुरुआत में छवि अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े व्लॉग और वीडियो बनाती थीं। धीरे-धीरे लोगों को उनका अंदाज पसंद आने लगा और उनके वीडियो देखने वालों की संख्या बढ़ती चली गई।
समय के साथ छवि ने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वीडियो भी बनाना शुरू किया। उनके वीडियो को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और देखते ही देखते वह सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहीं। छवि के यूट्यूब चैनल पर करीब 7.75 लाख सब्सक्राइबर थे। वहीं इंस्टाग्राम पर उनके करीब 20 लाख फॉलोअर्स बताए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुड़े होने के कारण वह अपने क्षेत्र की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बन चुकी थीं।
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सचिन के मुताबिक सोशल मीडिया पर छवि के काम को परिवार का पूरा समर्थन मिला। उनके पिता श्यामलाल गांव में किराने की दुकान चलाते हैं। परिवार ने बेटी के सपनों को आगे बढ़ाने में कभी पीछे कदम नहीं खींचे। लेकिन एक सड़क हादसे ने परिवार से बेटी और मां दोनों को छीन लिया। जिस यात्रा में पूरा परिवार महाकाल के दर्शन की उम्मीद लेकर निकला था, वही सफर उनके लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गया।
Location : Hathras
Published : 26 August 2026, 1:57 PM IST