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जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा की (img: Dynamite news)
Hathras: हाथरस में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 145 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाला बाईपास बनाने की योजना है। नगला भुस-मीतई तिराहे से पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी तक प्रस्तावित 8.2 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से 15 से अधिक गांवों को फायदा मिलने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने परियोजना से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण कर संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।
हाथरस में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग ने बाईपास निर्माण की कार्ययोजना तैयार की है। प्रस्तावित मार्ग की लंबाई 8.200 किलोमीटर और चौड़ाई सात मीटर निर्धारित की गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 14,513.51 लाख रुपये यानी करीब 145.14 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस बाईपास के निर्माण से स्थानीय लोगों को प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने और ग्रामीण इलाकों का सड़क संपर्क बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है।
प्रस्तावित बाईपास से पापरी, कटैलिया, पैकवाड़ा, कुम्हरई, गढ़ी जैनी, टिपरस, गढ़ी गिरधरा, बौजिया, सोखना, रूहेरी, मीतई, कलवारी, तरफरा, ढकपुरा और दादनपुर समेत आसपास के अन्य गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इन गांवों के लोगों को प्रमुख मार्गों तक पहुंचने के लिए बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ स्थानीय स्तर पर परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
योजना के तहत बाईपास को राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी और राष्ट्रीय राजमार्ग-509 सहित प्रमुख मार्गों से जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके अलावा वाहनपुर-कंचना फाटक से मथुरा सीमा तक पुराने एनएच-530बी के आंतरिक हिस्से, हाथरस-जलेसर मार्ग और एनएच-93 से कलवारी होते हुए हाथरस-जलेसर मार्ग को भी संपर्क सुविधा देने की योजना बनाई गई है।
चंद्रगढ़ी-पापरी-गढ़ी जैनी मार्ग को भी इस परियोजना के तहत बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है। इससे आसपास के गांवों के लोगों को विभिन्न प्रमुख मार्गों तक पहुंचने में सहूलियत मिल सकती है।
बाईपास परियोजना की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शासन को पहले भेजी गई कार्ययोजना पर प्राप्त आपत्तियों और कमियों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक अभिलेखों के साथ संशोधित प्रस्ताव दोबारा शासन को भेजने को कहा, ताकि परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
फिलहाल बाईपास निर्माण का प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजरना है। निर्माण कार्य शुरू होने के लिए जरूरी मंजूरी और अन्य औपचारिकताएं पूरी होना आवश्यक है। परियोजना को स्वीकृति मिलने और निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों तथा अन्य वाहन चालकों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
Location : Hathras
Published : 23 October 2026, 6:40 PM IST
Topics : Bypass Project hathras news UP News