DN Exclusive: झारखंड में राशन माफिया हावी, गरीबों के राशन पर डाका, गेहूं-चावल सड़े-गले, जिम्मेदार अफसर बने अंजान

झारखंड में इन दिनों राशन माफिया हावी हैं। गरीबों के हिस्से सड़े-गले गेहूं और चावल आ रहे हैं। देवघर जिले से डाइनामाइट न्यूज़ की खोजी रिपोर्ट

Updated : 7 May 2026, 9:28 PM IST

Ranchi/Deoghar: नाम है... मोती यादव, जगह- टेढ़मुक्का गांव, काम... PDS डीलर सह पूजा स्वयं सहायता समूह संचालक। देवघर जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गरीबों के बीच वितरित होने वाले सरकारी राशन की गुणवत्ता को लेकर गुरुवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने खाद्य आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।

गुरुवार को जब डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने मोती से मुलाकात की तो उसने जो बताया, वह हैरान करने वाला था। मोती ने बताया कि फरवरी 2026 में DSD देवघर के माध्यम से उनके केंद्र के लिए कुल 25 बोरा यानी लगभग 12.5 क्विंटल चावल और गेहूं उपलब्ध कराया गया था। लेकिन जब बोरे खोले गए तो अधिकांश अनाज में सड़ांध, कीड़े और खराब गुणवत्ता की शिकायत सामने आई। “उनका कहना है कि अनाज की स्थिति इतनी खराब थी कि उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो गया था.”!

डीलर के अनुसार, मामले की जानकारी तत्काल संबंधित DSD प्रतिनिधि को दी गई थी। शुरुआती स्तर पर उन्हें आश्वासन मिला कि खराब अनाज को बदल दिया जाएगा, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार आश्वासन मिलने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अंततः उन्हें खराब अनाज लेकर सीधे समाहरणालय पहुंचना पड़ा।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में मजबूरीवश कुछ लाभुकों के बीच राशन का वितरण किया गया, लेकिन बाद में कार्डधारियों ने खराब गुणवत्ता का हवाला देते हुए राशन लेने से साफ इनकार कर दिया। अब स्थिति यह हो गई है कि लाभुक डीलर पर ही सवाल उठा रहे हैं जबकि डीलर स्वयं विभागीय लापरवाही का शिकार होने का दावा कर रहे हैं।

मोती यादव ने बताया कि उनके PDS केंद्र से कुल 368 कार्डधारी जुड़े हुए हैं। इनमें 334 लाल कार्डधारी, 6 अंत्योदय अन्न योजना के लाभुक तथा 28 ग्रीन कार्डधारी शामिल हैं। ऐसे में राशन वितरण बाधित होने से बड़ी संख्या में गरीब परिवार प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों के बीच भी इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ रही है कि सरकारी गोदामों से आखिर किस स्तर की निगरानी के बाद खाद्यान्न वितरण के लिए भेजा जा रहा है।

समाहरणालय पहुंचे डीलर ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, खराब अनाज को तत्काल बदलने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो लाभुकों का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा।

जिम्मेदार लापता

इधर, समाहरणालय पहुंचे डीलर DC कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उपायुक्त कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इस बारे में AGM से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

देवीपुर प्रखंड के दरंगा पंचायत अंतर्गत टेढ़मुक्का गांव के PDS डीलर सह पूजा स्वयं सहायता समूह संचालक मोती यादव सड़े-गले चावल और गेहूं से भरे बोरे लेकर करीब 45 किलोमीटर दूर देवघर समाहरणालय पहुंचे थे, वे अपने साथ साढ़े पांच बोरा खराब चावल और चार बोरा गेहूं लेकर पहुंचे डीलर ने प्रशासन के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर गरीबों के हिस्से का राशन किस गुणवत्ता के आधार पर भेजा जा रहा है।

समाहरणालय परिसर में खराब अनाज के बोरे रखे जाने के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना रहा कि यदि अनाज की स्थिति इतनी खराब है तो लाभुकों को किस हालात में राशन लेने के लिए मजबूर किया जा रहा होगा।

Location :  Deoghar

Published :  7 May 2026, 8:34 PM IST