गोरखपुर में दहेज हत्या मामले में बड़ा एक्शन, पति समेत 3 दोषियों को 10 साल की सजा और 30 हजार रुपये जुर्माना

गोरखपुर में दहेज हत्या के मामले में पति समेत तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा, 30 हजार रुपये जुर्माना। अदालत के इस फैसले को दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 5 November 2026, 6:34 PM IST

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दहेज हत्या के एक पुराने केस ने फिर से रफ़्तार पकड़ी है, जहां गोरखपुर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पति समेत तीन आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले को दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें- सड़क को लेकर Gen-Z की अनोखी पहल, प्रदर्शन के बाद आज उसी सड़क का हुआ भूमि पूजन

अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामला वर्ष 2014 का है। गोला थाना क्षेत्र के जिरकिटा दीगर गांव में दहेज हत्या की घटना के संबंध में पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 310/2014 दर्ज किया था। मामले में भारतीय दंड विधान की धारा 304बी, 498ए और 201 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना की गई थी। इस मामले में अभियुक्त प्रदीप साहनी पुत्र रामलखन साहनी, रामलखन साहनी पुत्र मानिक राम और बदामी देवी पत्नी रामलखन साहनी, निवासी जिरकिटा दीगर थाना गोला, को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया गया।

यह भी पढ़ें- महाराजगंज में नशे के सौदागरों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, भारी मात्रा में गांजा बरामद! महिला तस्कर भी गिरफ्तार

पुलिस महानिदेशक की ओर से चलाए जा रहे कनविक्शन अभियान

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे)/पीसी-2 गोरखपुर की अदालत में हुई। न्यायालय ने तीनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस तरह तीनों पर कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में इस मुकदमे की प्रभावी पैरवी की गई। थाना गोला के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने लगातार मामले की निगरानी करते हुए न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपियों को सजा दिलाने में सफलता मिली।

Location :  गोरखपुर

Published :  5 November 2026, 6:34 PM IST