
जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Gorakhpur: गोरखपुर के राप्ती नदी के तट पर स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को एक भीषण हादसे में दो अधिवक्ताओं की मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे ये दोनों अधिवक्ता अचानक मौसम बदलने के बाद एक चबूतरे पर बने गुंबद के नीचे बैठे थे, तभी आकाशीय बिजली गिरने से छज्जा भरभरा कर नीचे गिर गया। इस दुखद घटना ने पूरे शहर और अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है।
रविवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे राजघाट पर एक अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश शुरू होने पर अधिवक्ता आलोक अस्थाना (45) और संजय सिंह (42) विश्राम के लिए बनाए गए ऊंचे चबूतरे के गुंबद के नीचे बैठ गए। आकाशीय बिजली के तेज झटके से गुंबद का छज्जा टूटकर सीधे उनके ऊपर आ गिरा, जिससे दोनों गंभीर रूप से मलबे के नीचे दब गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर दोनों घायलों को बाहर निकाला। आलोक अस्थाना को गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल और फिर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। वहीं, संजय सिंह ने अस्पताल में करीब नौ घंटे तक चले इलाज के बाद रात लगभग आठ बजे दम तोड़ दिया। इस असमय निधन से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और मेडिकल कॉलेज परिसर में अधिवक्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई।
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) September 7, 2026
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और प्रशासन को हरसंभव मदद के निर्देश दिए। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने आपदा राहत कोष से दोनों पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि तुरंत उपलब्ध करा दी है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच-पांच लाख रुपये अतिरिक्त मदद दिलाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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हादसे के बाद इलाज में कथित लापरवाही, एंबुलेंस के समय पर न पहुंचने और घटिया निर्माण को लेकर परिजनों एवं अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। अधिवक्ता आलोक अस्थाना की पत्नी की शिकायत पर सीएमओ डॉ राजेश झा और जिला अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, घटिया निर्माण सामग्री और लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (जेई) और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम और निर्माण की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
Location : Gorakhpur
Published : 7 September 2026, 10:43 AM IST