गोरखपुर पुलिस ने नौकरी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने वाले फरार आरोपी सुबोध जाटव को रामगढ़ताल से गिरफ्तार किया। 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में, महिला अपराधों में सख्त संदेश गया।

गोरखपुर पुलिस ने फरार आरोपी को दबोचा
Gorakhpur: यूपी के गोरखपुर पुलिस महिला अपराधों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत रामगढ़ताल थाना पुलिस ने एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुबोध जाटव पुत्र स्वर्गीय रामभरत उर्फ भरत, निवासी आलीपुर पट्टी, थाना भोगांवा, जनपद मैनपुरी के रूप में हुई है। वह नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप में फरार चल रहा था।
मुखबिर के सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। तत्पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और थाना लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध की बात स्वीकार की।
गोरखपुर में अवैध दस्तावेजों के सहारे मिली नौकरी… एक शिकायत के बाद सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिला अपराधों में संलिप्त किसी भी आरोपी को नहीं बख्शा जाएगा। यह कार्रवाई समाज में कानून की सख्ती का संदेश देती है।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक हरिओम सिंह, महिला उप निरीक्षक आरती यादव, कांस्टेबल विकास कुमार सिंह और कांस्टेबल अशोक कुमार (सर्विलांस सेल) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी तत्परता और टीम वर्क से अपराधी को जल्दी गिरफ्तार किया जा सका।
रामगढ़ताल पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़िता को न्याय की उम्मीद मिली है। साथ ही यह समाज में यह स्पष्ट संदेश गया कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, पुलिस की पकड़ से बच नहीं सकते।
रील बनाती रही, जाल बिछाती रही; जानें गोरखपुर की अंशिका सिंह कैसे बनी अपराध की मास्टरमाइंड?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के हाथ लंबे हैं।