गोरखपुर में बड़ा प्रशासनिक दांव! नए SDM ने पद संभालते ही लिया ऐसा फैसला, अब 48 घंटे में बदल जाएगी पूरी व्यवस्था

गोरखपुर में 2024 बैच के पीसीएस अधिकारी ज्ञान प्रताप सिंह ने सदर एसडीएम का पदभार संभाल लिया है। पद ग्रहण करते ही उन्होंने न्यायिक और राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए बड़ा फैसला लिया। अब अपील से जुड़ी फाइलें 48 घंटे के भीतर अपर एसडीएम न्यायालय भेजी जाएंगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 July 2026, 12:48 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर के प्रशासनिक महकमे में हुए फेरबदल के बाद 2024 बैच के पीसीएस अधिकारी ज्ञान प्रताप सिंह ने सदर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) का पदभार संभाल लिया है। अब तक वह सदर तहसीलदार के साथ-साथ एसडीएम सदर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। उनके प्रशासनिक अनुभव, कार्यकुशलता और बेहतर कार्यशैली को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने उन्हें सदर एसडीएम की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का स्पष्ट संदेश दिया है।

पद संभालते ही लिया बड़ा फैसला

ज्ञान प्रताप सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही न्यायिक और राजस्व कार्यों में तेजी लाने का ऐलान किया। उन्होंने निर्देश दिया कि तहसीलदार और तहसीलदार न्यायिक न्यायालयों से आदेशित जिन मामलों में एसडीएम न्यायालय में अपील दायर होगी, उनसे संबंधित सभी फाइलें अधिकतम 48 घंटे के भीतर अपर एसडीएम न्यायालय भेजी जाएंगी। उनका कहना है कि अनावश्यक देरी खत्म कर आम लोगों को समय पर न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी।

एक साल में बनाई अलग पहचान

ज्ञान प्रताप सिंह जुलाई 2024 में गोरखपुर में तहसीलदार के रूप में तैनात हुए थे। उन्होंने सबसे पहले कैम्पियरगंज तहसील में अपनी सेवाएं दीं और बाद में सदर तहसील का कार्यभार संभाला। करीब एक वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण, जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासनिक कार्यप्रणाली के कारण अपनी अलग पहचान बनाई। आम जनता की शिकायतों पर उनकी त्वरित कार्रवाई की शैली को भी व्यापक सराहना मिली।

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पदोन्नति के बाद भी गोरखपुर में मिली जिम्मेदारी

शासन ने 30 जून 2025 को ज्ञान प्रताप सिंह को पदोन्नत कर उप जिलाधिकारी बनाया था और उनकी तैनाती अयोध्या में की गई थी। हालांकि गोरखपुर में चल रही महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए उन्हें यहीं बनाए रखा गया। पदोन्नति के बाद भी उन्होंने सदर तहसील के प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी ढंग से संभाला।

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अब और बढ़ेगी जिम्मेदारी

प्रशासनिक हलकों में ज्ञान प्रताप सिंह को जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान निकालने वाले अधिकारी के रूप में देखा जाता है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जवाबदेह कार्यशैली और पारदर्शी प्रशासन उनकी पहचान रही है। सदर एसडीएम बनने के बाद अब जिले की विकास परियोजनाओं, राजस्व विवादों के त्वरित निस्तारण और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रशासन और आमजन दोनों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में सदर तहसील में सुशासन और त्वरित निर्णय की कार्यसंस्कृति को नई गति मिलेगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  17 July 2026, 12:48 PM IST